डिग्री कॉलेजों के प्राचार्यों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार इन्हें प्रोफेसर पदनाम देने जा रही है। इस पर सरकार ने अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
उच्च शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री के पास अनुमोदन के लिए यह फाइल भेजी है। वहां से हरी झंडी मिलते ही यह फैसला लागू हो जाएगा।
प्रोफेसर पदनाम राजकीय महाविद्यालयों के साथ ही अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों के भी प्राचार्यों को दिया जाएगा। डिग्री कॉलेजों के प्राचार्यों को पहले से ही प्रोफेसर की तरह 10 हजार रुपये ग्रेड पे मिलते हैं।
समान वेतन होने के बावजूद अभी इन्हें प्रोफेसर का पदनाम नहीं मिलता है। इसी को लेकर लखनऊ विवि से संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ व लखनऊ विवि से संबद्ध महाविद्यालय प्राचार्य परिषद ने भी मुख्यमंत्री से पदनाम दिए जाने की मांग की थी।