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महर्षि महेश योगी की जयंती पर संत समागम : रक्षा मंत्री ने कहा- स्वामी विवेकानंद व महर्षि योगी सांस्कृतिक दूत

Thu, 12 Jan 2023 10:03 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

राजनाथ सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की स्मृति में हम युवा दिवस मना रहे हैं तो वहीं, जबलपुर में जन्मे महर्षि महेश योगी की भी जयंती हम मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि महेश योगी ने अपने योग और साधना के ज्ञान को पश्चिमी देशों तक पहुंचाया।
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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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शंखनाद संग जयश्री राम... भारत माता की जय... वंदे मातरम... के उद्घोष से गूंजता पंडाल। मंच पर विराजमान शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज संग देश के बड़े संतों की मंच पर उपस्थिति। यह नजारा था बृहस्पतिवार को महर्षि महेश योगी की 106वीं जयंती पर महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इंफार्मेशन टेक्नॉलॉजी में संत समागम में। इस दौरान मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद और महर्षि महेश योगी देश के सांस्कृतिक दूत हैं, हमें इनका अनुसरण करना चाहिए।

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राजनाथ सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की स्मृति में हम युवा दिवस मना रहे हैं तो वहीं, जबलपुर में जन्मे महर्षि महेश योगी की भी जयंती हम मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि महेश योगी ने अपने योग और साधना के ज्ञान को पश्चिमी देशों तक पहुंचाया। रक्षा मंत्री ने कहा कि मानवता पर जब संकट आया, तब समाज में ऐसे युगपुरुषों का आगमन हुआ। इन्होंने देश को नई राह दिखाई। प्राचीन काल की आध्यात्मिक गंगा को महर्षि महेश योगी ने समृद्ध किया। वैदिक साहित्य के माध्यम से जो अलख महर्षि महेश योगी ने जलाई है, आज पूरी दुनिया को उसकी आवश्यकता है।महर्षि यूनिवर्सिटी के कुलपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने राजनाथ सिंह को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान संस्थान की पुस्तक का विमोचन किया गया।


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मथुरा व काशी में बने मंदिर, रामायण विवि की भी मांग
अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि अयोध्या की तर्ज पर मथुरा व काशी में भी भव्य मंदिर का निर्माण होना चाहिए। संत समागम में राम मुद्रा को चलन में लाने संग अयोध्या स्थित महर्षि संस्थान में रामायण विश्वविद्यालय बनाने की भी मांग उठी। गौरतलब है कि महर्षि महेश योगी राम मुद्रा को यूरोप से लेकर अमेरिका में प्रचलित कराने के लिए प्रयास करते रहे। हॉलैंड में महर्षि महेश योगी ने राम मुद्रा के संचालन की शुरुआत की थी। इस दौरान महर्षि महेश योगी पर आधारित शार्ट फिल्म भी दिखाई गई। 

इन संतों ने बढ़ाई मंच की शोभा
इस दौरान आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी, अखिल भारतीय आखाड़ा परिषद के महंत रविन्द्र पुरी, सुधांशु जी महाराज, पूर्व सांसद डॉ. रामविलास वेदांती, छोटी छावनी अयोध्या के महंत कमल नयनदास, स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी सच्चिदानंद श्री चित्रगुप्त पीठाधीश्वर कैलाशपीठ नेपाल, हरिद्वार से महामंडलेश्वर शिव प्रेमानंद जी, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी, आनंद पीठाधीश्वर श्री पंचायती आनंद अखाड़ा, महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर स्वामी विकास दास, सुरेश दास जी दिगंबर अखाड़ा अयोध्या, महंत राजकुमार दास, राम वल्लभा कुंज श्री अयोध्या, महंत धर्मदास, महंत पवनदास शत्रुघ्न निवास झुनकी घाट, मैथिली शरण दास लक्ष्मण किलाधीश अयोध्या, महंत मिथलेश नाथ, स्वामी जितेंद्रानाथ सरस्वती, स्वामी चिन्मयानंद बापू, आचार्य सतीश सद्गुरु नाथ, स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य महाराज सुग्रीव किला, सांसद रीता बहुगुणा जोशी, मंत्री अजीत पाल सिंह, पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, विधायक राजेश्वर सिंह, नीरज बोरा, योगेंद्र शुक्ला, महापौर संयुक्ता भाटिया, एमएलसी मुकेश शर्मा, एमएलसी पवन सिंह चौहान आदि मंच पर मौजूद रहे।

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सत्यवादिता की सबसे बड़ी मिसाल है महाराजा हरिश्चन्द्र: राजनाथ सिंह 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि महाराजा हरिश्चन्द्र सत्यवादिता की सबसे बड़ी मिसाल हैं। उनका जीवन हमारी सांस्कृतिक धरोहर है और सांस्कृतिक धरोहरों पर हमें गौरव का अनुभव होना चाहिये। वो बृहस्पतिवार को सत्यवादी महाराजा हरिश्चन्द्र जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मल्टीस्पेशयलिटी एवं वृद्घ अस्पताल के लिये 10 बीघा जमीन की मांग भी की गई। 

हरिश्चन्द्र वंशीय समाज-रस्तोगी समिति की ओर से साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि महाराजा हरिश्चन्द्र की सत्यवादिता का अंदाजा इस बात लगाया जा सकता है कि जब लोगों को टांट करना होता है तब भी यही कहा जाता है कि बड़ा सत्यावादी हरिश्चन्द्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि %प्राण जाये पर वचन न जाये% ये प्रण कोई सामान्य व्यक्ति नही ले सकता है। महाराजा हरिश्चन्द्र जैसा व्यक्तित्व हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। अगर हमें अपनी धरोहरों पर गौरव का अनुभव नही है तो हम नई ऊंचाइयों तक नही पहुंच सकते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं से कभी मत कटना क्योंकि जड़ों से दूर रहने वाला प्रगतिशील नही होता बल्कि प्रतिगामी होता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। विदेशों में भी वो हिंदी में भाषण देते हैं और मैं भी अगर बहुत जरूरी न हुआ तो विदेश में हिन्दी में ही भाषण देता हूं।

हम इंसानों के बीच नफरत नही फैलाते
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हम इंसान और इंसान के बीच नफरत फैलाने वाले नही है। हम तो वो लोग हैं जो नागपंचमी के दिन काले सांप को भी दूध पिलाते हैं। उन्होंने हम जो कहेंगे वही करेंगे। अब लोग कहेंगे कि आप तो सियासी नेता है ऐसा कैसे संभव है, मैं आपको बता दूं कि मैं एक राजनीतिक पार्टी से हूं लेकिन मैने अपने जीवन इस मामले में सावधानी बरती है। उन्होंने कहा कि जिस समय मैं पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष था तब चुनावी घोषणा पत्र तैयार करते समय नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हमें घोषणा पत्र में उन्ही चीजों को शामिल करना चाहिये जिन्हें हम पूरा सकें। साल 2019 के घोषणा पत्र में भी इस बात का ख्याल रखा गया। चाहे धारा 370 हटाने का मामला हो या फिर नागरिकता कानून लागू करने का उसे पूरा किया गया। अब कॉमन सिविल कोट लागू करने पर काम किया जा रहा है। 

हम साल 2047 में दुनियां की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे 
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत दुनियां की अर्थ व्यवस्था में 9वें स्थान पर था लेकिन आज दुनियां की टॉप 5 अर्थव्यवस्था में देश खड़ा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से पीएम मोदी कार्य कर रहे हैं साल 2027 तक देश अर्थव्यवस्था के मामले में दुनियां के टॉप 3 में खड़ा हो जाएगा और आजादी के सौ साल पूरे होने तक दुनियां की सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश से एक साल में 83 ट्रिलियन डालर का निवेश हुआ है। उन्होंने प्रदेश सरकार की तारीफ करते हुये कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में भारत जब बोलता है तो दुनियां कान लगाकर सुनती है। कोविड की रोकथाम में हमने जिस तरह से काम किया डब्ल्यू एचओ ने उसकी सराहना की। यूक्रेन रूस युद्घ में भारतीय छात्रों को निकालने के लिये पीएम ने कुछ देर के लिये युद्घ रुकवा दिया। 

अस्पताल की जमीन के लिये वादा नहीं प्रयत्न करुंगा
कार्यक्रम के दौरान समिति के समन्वयक हरिजीवन रस्तोगी ने समाज के इतिहास के बारे बताते हुये रक्षा मंत्री से मल्टीस्पेशयलिटी चैरिटी एवं वृद्घ अस्पताल के लिये 10 बीघा जमीन लीज पर दिलाने की मांग की। उन्होंने इस जमीन पर वो श्रीनाथ भगवान का मंदिर, 10 रूपये में भोजन देने वाला अन्नपूर्णा भोजनालय और महाराजा हरिश्चन्द्र के जीवन परिचय के लिये संग्रहालय बनाना चाहते हैं। जमीन मिल जाये तो मैं अपने समाज से 100 करोड़ रूपये का बंदोबस्त कर सकता हूं। अगर जमीन नहीं मिली तो भी समाज से सहयोग लेकर कोशिश करुंगा। इस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि मैने कभी चुनाव के दौरान भी अन्ये सियासी नेताओं की तरह कभी वादा नहीं किया। मैं आज भी वादा नहीं करूंगा क्योंकि मैं राजधानी में एक निजी विश्वविद्यालय की स्थापना करवाना चाहता था जो उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय होता, लेकिन उतनी बड़ी जमीन नहीं मिल सकी। काम पूरा होने में नियति का भी खेल होता है। इसलिये मैं जमीन दिलाने का प्रयत्न करूंगा और इसके लिये मुख्यमंत्री से बात करुंगा। उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहाकि हमें जो भी आदेश होगा हम उसे पूरा करने की कोशिश करेंगे। इस मौके पर भाजपा विधायक नीरज बोरा, भाजपा नगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा, महापौर संयुक्ता भाटिया को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। रस्तोगी समाज के अध्यक्ष राजन रस्तोगी ने मेहमानों का शुक्रिया अदा किया। 

मंच पर आये मोदी व अमित शाह
कार्यक्रम में फैंसी ड्रेस कार्यक्रम में नन्हे मुन्ने बच्चे जब शुभ रस्तोगी प्रधानमंत्री मोदी और आर्य रस्तोगी गृहमंत्री अमित शाह के रूप में मंच पर पहुंचे तो सभी लोग अचरज में पड़ गये। बच्चों ने उनके अंदाज में भाषण देकर दर्शकों को अचरज में डाल दिया। वहीं मान्या रस्तोगी ने मराठी युवती के रूप में नृत्य पेश किया तो अधिराज रस्तोगी ने पानी बचाने का संदेश दिया। इसके अलावा इतिका रस्तोगी ने श्रीनाथ भगवान का रूप धारण किया। इस दौरान महाराजा हरिश्चन्द्र के जीवन पर नाटक की प्रस्तुति हुई। कार्यक्रम में हरिश्चन्द्र शिरोमणि अवार्ड से चंद्रकिशोर रस्तोदी, डा. अनिल रस्तोगी और प्रकाश चन्द्रा को सम्मानित किया गया। इस मौके पर आईआरएस ऋचा रस्तोगी, दीपक रस्तोगी, गिरीश रस्तोगी, राहुल राज रस्तोगी, विनोद रस्तोगी आदि मुख्य रूपसे मौजूद रहे। 
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