शंखनाद संग जयश्री राम... भारत माता की जय... वंदे मातरम... के उद्घोष से गूंजता पंडाल। मंच पर विराजमान शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज संग देश के बड़े संतों की मंच पर उपस्थिति। यह नजारा था बृहस्पतिवार को महर्षि महेश योगी की 106वीं जयंती पर महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इंफार्मेशन टेक्नॉलॉजी में संत समागम में। इस दौरान मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद और महर्षि महेश योगी देश के सांस्कृतिक दूत हैं, हमें इनका अनुसरण करना चाहिए।
राजनाथ सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की स्मृति में हम युवा दिवस मना रहे हैं तो वहीं, जबलपुर में जन्मे महर्षि महेश योगी की भी जयंती हम मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि महेश योगी ने अपने योग और साधना के ज्ञान को पश्चिमी देशों तक पहुंचाया। रक्षा मंत्री ने कहा कि मानवता पर जब संकट आया, तब समाज में ऐसे युगपुरुषों का आगमन हुआ। इन्होंने देश को नई राह दिखाई। प्राचीन काल की आध्यात्मिक गंगा को महर्षि महेश योगी ने समृद्ध किया। वैदिक साहित्य के माध्यम से जो अलख महर्षि महेश योगी ने जलाई है, आज पूरी दुनिया को उसकी आवश्यकता है।महर्षि यूनिवर्सिटी के कुलपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने राजनाथ सिंह को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान संस्थान की पुस्तक का विमोचन किया गया।
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मथुरा व काशी में बने मंदिर, रामायण विवि की भी मांग
अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि अयोध्या की तर्ज पर मथुरा व काशी में भी भव्य मंदिर का निर्माण होना चाहिए। संत समागम में राम मुद्रा को चलन में लाने संग अयोध्या स्थित महर्षि संस्थान में रामायण विश्वविद्यालय बनाने की भी मांग उठी। गौरतलब है कि महर्षि महेश योगी राम मुद्रा को यूरोप से लेकर अमेरिका में प्रचलित कराने के लिए प्रयास करते रहे। हॉलैंड में महर्षि महेश योगी ने राम मुद्रा के संचालन की शुरुआत की थी। इस दौरान महर्षि महेश योगी पर आधारित शार्ट फिल्म भी दिखाई गई।
इन संतों ने बढ़ाई मंच की शोभा
इस दौरान आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी, अखिल भारतीय आखाड़ा परिषद के महंत रविन्द्र पुरी, सुधांशु जी महाराज, पूर्व सांसद डॉ. रामविलास वेदांती, छोटी छावनी अयोध्या के महंत कमल नयनदास, स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी सच्चिदानंद श्री चित्रगुप्त पीठाधीश्वर कैलाशपीठ नेपाल, हरिद्वार से महामंडलेश्वर शिव प्रेमानंद जी, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी, आनंद पीठाधीश्वर श्री पंचायती आनंद अखाड़ा, महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर स्वामी विकास दास, सुरेश दास जी दिगंबर अखाड़ा अयोध्या, महंत राजकुमार दास, राम वल्लभा कुंज श्री अयोध्या, महंत धर्मदास, महंत पवनदास शत्रुघ्न निवास झुनकी घाट, मैथिली शरण दास लक्ष्मण किलाधीश अयोध्या, महंत मिथलेश नाथ, स्वामी जितेंद्रानाथ सरस्वती, स्वामी चिन्मयानंद बापू, आचार्य सतीश सद्गुरु नाथ, स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य महाराज सुग्रीव किला, सांसद रीता बहुगुणा जोशी, मंत्री अजीत पाल सिंह, पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, विधायक राजेश्वर सिंह, नीरज बोरा, योगेंद्र शुक्ला, महापौर संयुक्ता भाटिया, एमएलसी मुकेश शर्मा, एमएलसी पवन सिंह चौहान आदि मंच पर मौजूद रहे।