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वाह यूपी! दो हफ्ते में ही निपट गए नए 'निजाम'!

Wed, 18 Jun 2014 11:42 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर चौतरफा घिरी सरकार ने 14 दिन पहले तैनात हुए प्रमुख सचिव गृह दीपक सिंघल को पद से हटा दिया है।
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मुख्य सचिव आलोक रंजन ने इसकी पुष्टि की है। उनकी जगह 1979 बैच के आईएएस राकेश बहादुर को राज्य का नया प्रमुख सचिव गृह बनाया गया है।

तेज-तर्रार छवि वाले आईएएस राकेश बहादुर अभी तक आयुक्त समाज कल्याण के पद पर तैनात थे।

बदायूं कांड के दौरान कठघरे में आई राज्य सरकार ने तीन जून को ही राज्य के तत्कालीन प्रमुख सचिव गृह अनिल गुप्त को हटा दिया था। उनकी जगह दीपक सिंघल को लाया गया।

सिंघल को ले डूबा पुलिस पर जुल्म

प्रमुख सचिव गृह बनने के बाद सिंघल ने इस बात का ऐलान किया था कि अब अपराधियों के खिलाफ संगठित कार्रवाई होगी और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने पुलिस विभाग के अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किए जाने और पुलिस की कार्य प्रणाली में बदलाव के दावे किए थे।

लेकिन सिंघल के दावों के मुताबिक पुलिस व्यवस्था में अपेक्षित कसाव नहीं आ सका। न ही कानून-व्यवस्था के हालात में कोई खास अंतर आया।

शबे बरात के दौरान मेरठ और उससे पहले मुजफ्फरनगर में एक बार फिर दंगे की स्थिति आने, फीरोजाबाद में बीच सड़क पर बदमाशों द्वारा दो सिपाहियों को गोलियों से भूने जाने, और इसके बाद जिले की कानून-व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित होने की आंच ऊपर तक गई।

ये भी रही सिंघल को हटाने की वजह

जानकारों की मानें तो इसके अलावा पुलिस आधुनिकीकरण से जुड़े कुछ विवादित फैसलों, सुरक्षा वापसी को लेकर कुछ जिलों के अधिकारियों को दिए गए निर्देशों आदि की बात भी ऊपर तक पहुंची थी।

इसके साथ ही दीपक सिंघल के तेवरों को लेकर परेशान पुलिस विभाग के आला अफसरों की परेशानी भी कहीं ऊपर तक छलक गई थी।

सूत्रों का कहना है कि इन तमाम बातों का संज्ञान लेने के बाद ही राज्य सरकार ने एक पखवारे के अंदर ही नया प्रमुख सचिव गृह तैनात करने का फैसला किया।

नए प्रमुख सचिव गृह राकेश बहादुर अपनी तैनाती के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। इनमें नोएडा अथॉरिटी, यमुना एक्सप्रेस-वे और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट और ग्रेटर नोएडा आदि महत्वपूर्ण तैनाती शामिल हैं।
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शिवपाल के करीबी थे सिंघल

अनिल कुमार गुप्ता को हटाने के बाद अखिलेश सरकार ने पिछले दिनों गृह विभाग देखने के लिए दीपक सिंघल को नियुक्त किया था।

सिंघल इससे पहले सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव रहे थे और अब फिर उन्हें वापस यही पद मिल गया है।

बताया जाता है कि सिंघल शिवपाल यादव के काफी करीबी हैं और उन्हें चाचा-भतीजे की तकरार का ही नुकसान उठाना पड़ा है।

गौरतलब है कि सीएम ‌अखिलेश यादव ने पहले जावेद उस्मानी को मुख्य सचिव के पद से हटाकर आलोक रंजन को प्रदेश का सबसे बड़ा अधिकारी बनाया था।

इसके अलावा, सरकार ने बजट सत्र के ठीक पहले प्रमुख सचिव वित्त आनंद‌ मिश्र को भी हटा दिया है। इन्हें ‌प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है।
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