मुख्यमंत्री से पूछा गया कि जिस तरह से मुलायम सिंह के कार्यकाल में बाबरी मस्जिद को संरक्षित करने और कल्याण सिंह के कार्यकाल में हुए बाबरी विध्वंस को एक इतिहास के रूप में जाना जाता है, क्या योगी के कार्यकाल में भी कोई इतिहास बनेगा? इस पर मुख्यमंत्री ने सीधा तो कुछ नहीं कहा, बस इतना ही कहा कि योगी तो इतिहास बनाने के लिए आते हैं। समय खुद इतिहास बनाएगा।
न कुछ खोने का भय न कुछ पाने की लालसा
बीते ढाई साल में क्या खोया? इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने तो जब भगवा धारण किया था, तभी इन झंझटों से मुक्त हो गया था। अब तो मुझे न तो कुछ पाने की लालसा है और न ही कुछ खोने का भय सताता है। जनता की सेवा करना है, वह कर रहा हूं।
पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और मुलायम सिंह यादव से मुलाकात से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह दोनों हमारे बड़े-बुजुर्ग हैं और पूर्व मुख्यमंत्री हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य का हालचाल लेने गए थे। इसका कोई राजनीतिक निहितार्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वैसे भी हमारा संस्कार है कि बडे़-बुजुर्गों से मिलते रहना चाहिए, उनसे मार्ग दर्शन मिलता है। हम ऐसा करेंगे तो आने वाली पीढ़ी सीखेगी। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती से नहीं मिलने के सवाल पर उन्होंने हंसते हुए कहा कि अगर वह खुद को बुजुर्ग मान लें तो उनसे भी मिलकर मार्गदर्शन लूंगा।