मंगलवार को व्यवसायी की मौत के बाद सुल्तानपुर में परिवारीजनों की ओर से किए गए प्रदर्शन के बाद कोतवाली नगर सुल्तानपुर में पीपरपुर व एसओजी टीम के कुल 15 पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ था।
पोस्टमॉर्टम होने के बाद मंगलवार देर शाम सुल्तानपुर पुलिस ने मामले की विवेचना अमेठी पुलिस को ट्रांसफर कर दी। विवेचना ट्रांसफर होने की जानकारी मिलने पर व्यवसायी के परिवारीजनों ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है।
अमेठी पुलिस पर नहीं भरोसा
मुकदमे के वादी व व्यवसायी के भाई ओम प्रकाश शुक्ल ने बताया कि उन्हें अमेठी पुलिस पर भरोसा नहीं है। ओम प्रकाश ने फोन पर बताया कि उन्होंने मंगलवार को ही मामले की विवेचना प्रतापगढ़ जिले की अंतू थाना पुलिस से कराने की मांग की थी। वे इसकी शिकायत हर स्तर पर करेंगे।
लूट की मुखबिरी के आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है। लोग जहां मन में उठ रहे सवालों के जवाब चाहते हैं वहीं पुलिस के पास कोई जवाब नहीं नजर आ रहा है। पुलिस के अनुसार, पुलिस की पकड़ में आने से पहले ही उसने जहर खा लिया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में व्यवसायी के आमाशय में जहर मिलने की पुष्टि हुई है।
जिले के पुलिस अधिकारी व्यवसायी की मौत के बाद से ही इसी बात का अंदेशा जता रहे थे। व्यवसायी की मौत के बाद मीडिया के लिए एसपी डॉ. ख्याति गर्ग की ओर से जारी एक वीडियो में कहा गया था कि बैंक कर्मी से 26 लाख की लूट के मामले में भी सत्य प्रकाश ने ही मुखबिरी की थी।
जिला अस्पताल में शोकाकुल मृतक के परिजन।
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व्यवसायी की पुलिस हिरासत में हुई मौत में एक सवाल यह भी है कि आखिर उसे जहर कब और कैसे मिला। पुलिस की थ्योरी है कि उसने पुलिस की पकड़ में आने से पहले ही जहर खा लिया था। यदि ऐसा था तो पुलिस को व्यवसायी के घर से 20 किलोमीटर दूर स्थित पीपरपुर थाने पहुंचने तक रास्ते में इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। यदि उसने पुलिस की पकड़ में आने से पहले जहर नहीं खाया तो बाद में उसे जहर कैसे मिल गया।