अप्रैल-2020 में रोक के समय कर्मियों को 17 फीसदी डीए व डीआर का भुगतान हो रहा था। यदि भुगतान पर रोक नहीं लगती तो जुलाई 2021 तक (जनवरी 2020, जुलाई 2020, जनवरी 2021 व जुलाई 2021) डीए व डीआर में 4 बार वृद्धि हो चुकी होती।
- वित्त विभाग के जानकार बताते हैं कि जिस तरह से वृद्धि हो रही है, उस अनुमान से एक जनवरी-2020 से 4 प्रतिशत वृद्धि होने पर डीए की दरें 17+4=21 प्रतिशत होती।
- जुलाई-2020 से 3 प्रतिशत वृद्धि होने पर 21+3=24 प्रतिशत, जनवरी-2021 में 4 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया जा रहा है। इस तरह दरें 24+4=28 प्रतिशत हो जाएंगीं।
- जुलाई में 3-4 फीसदी की वृद्धि भी हो तो डीएक मूल वेतन का 30 फीसदी से अधिक हो सकता है।
अनुमान के मुताबिक जुलाई-2021 से यदि डीए की संचयी वृद्धि को शामिल करते हुए 30-32 फीसदी की दर से भुगतान किया जाए तो प्रत्येक कर्मचारी के वेतन में मौजूदा स्तर से 13 से 15 फीसदी की वृद्धि हो जाएगी।
10 से 12 हजार करोड़ का अतिरिक्त खर्च
डीए में वृद्धि को फ्रीज करते समय तत्कालीन अपर मुख्य सचिव ने इस निर्णय से करीब 8 हजार करोड़ रुपये बचत का अनुमान बताया था। जानकार बताते हैं कि जुलाई में डीए व डीआर की अतिरिक्त किस्त के भुगतान पर करीब 10 से 12 हजार करोड़ का अतिरिक्त खर्च आ सकता है।