पंचायत चुनाव के लिए जिले की 494 ग्राम पंचायतों में प्रधान व वार्ड सीट का आरक्षण तीन चरणों में पूरा होगा। शासन ने आरक्षण चार्ट जारी कर जिले में वर्गवार आरक्षित होने वाली पंचायत सीटों की संख्या पहले ही निर्धारित कर दी है। डीएम की अगुवाई में गठित पंचायती राज विभाग की कमेटी अब जिले में पंचायत व वार्डवार आरक्षण का प्रस्ताव तैयार करने की कवायद में जुटी है।
पंचायत चुनाव प्रभारी व एडीएम वित्त राजस्व विपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि सीट आरक्षण का निर्धारण तीन चरणों की प्रक्रिया के बाद होगा। हर वर्ग में यह तीनों चरण अपनाए जाएंगे। अनुसूचित जाति के लिए शासन ने जिले के आरक्षण चार्ट में कुल 123 सीटें निर्धारित की हैं।
इसके लिए उन ग्राम पंचायतों का चयन प्रथम चरण में किया जाएगा जो बीते पांच चुनावों में कभी इस वर्ग के लिए आरक्षित नहीं रहीं। अगर इस नियम से आरक्षण चार्ट के अनुसार सीटें पूर्ण नहीं होती हैं तो दूसरा चरण चलाया जाएगा।
दूसरे चरण में उन ग्राम पंचायतों का चयन किया जाएगा जो वर्ष 2015 के चुनाव में संबंधित वर्ग के लिए आरक्षित नहीं रहीं
दूसरे चरण में उन ग्राम पंचायतों को चयन किया जाएगा जाएगा जो वर्ष 2015 के चुनाव में संबंधित वर्ग के लिए आरक्षित नहीं रहीं। इसके बाद भी अगर संख्या पूरी नहीं होती है तो वर्ष 2015 में भी संबंधित वर्ग के लिए आरक्षित रहीं सीटों पर विचार होगा। प्रत्येक वर्ग के लिए यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसी के अनुसार सीटों का आरक्षण निर्धारित किया जाएगा।
आरक्षण आवंटन के प्रस्ताव तैयार करने के लिए पंचायत राज विभाग ने भी डीपीआरओ के प्रशिक्षण बाद तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए बीते पांच चुनावों में वर्गवार आरक्षित रहीं सीटों का डाटा अलग-अलग संकलित किया जा रहा है।
यहां देखें, पूरा ब्यौरा
जिले में कुल ग्राम पंचायत - 494
आरक्षित (अनुसूचित जाति)- 123
आरक्षित अन्य पिछड़ा वर्ग - 131
सामान्य महिला (आरक्षित)- 79
अनराक्षित सीटें - 161
जिला पंचायत राज अधिकारी एनसी साहू का कहना है कि शासन ने आरक्षण के संबंध में चार्ट जारी करने के साथ ही नियम भी तय कर दिए हैं। जिलाधिकारी के आदेश पर आरक्षण आवंटन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।