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लखनऊः राजकीय बालिका गृह में मृत मिली किशोरी, मजिस्ट्रेटी जांच की सिफारिश

Mon, 21 Jan 2019 03:03 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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डेमो
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लखनऊ के राजकीय बालगृह (बालिका) मोतीनगर में आश्रय दिलाई गई एक और किशोरी की रविवार सुबह संदिग्ध हालात में मौत हो गई। जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) ने बालगृह का निरीक्षण कर जिलाधिकारी से मजिस्ट्रेट जांच की सिफारिश की है।
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बताया जा रहा है कि यह बालिका दिसंबर में यहां लाई गई थी और उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी। डीपीओ सुधाकर पांडेय ने बताया कि बाल कल्याण समिति बलरामपुर ने बालिका को लखनऊ भेजा था। वह आठ दिसंबर से यहां रह रही थी। उसे सुमन नाम दिया गया था।

वह मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं थी। उसे बलरामपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे केजीएमयू रेफर कर दिया गया था। कुछ समय बाद उसे ठीक मानकर नौ जनवरी को बालगृह भेजा गया, लेकिन रविवार सुबह आठ बजे वह मृत पाई गई।
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उसे केजीएमयू ले जाया गया, जहां उसे मृत अवस्था में लाना घोषित किया गया। आशंका जताई जा रही है कि उसकी मौत सेप्टिसीमिया या भूख से हुई है। हालांकि, प्रशासन ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक कोई निष्कर्ष देने से इनकार किया है।
 
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तथ्यों की जांच जरूरी

संदिग्ध है मौत, जांच जरूरी 
डीपीओ ने बताया कि बालिका की मौत संदिग्ध हालात में हुई है। मजिस्ट्रेट जांच की सिफारिश की है। वे मामले में अपनी रिपोर्ट भी डीएम को सौंप चुके हैं। उन्हाेंने कहा कि बालिका बोल नहीं पा रही थी, न ही अपना कोई काम कर पाती थी। बालगृह में ही डॉ. सुदर्शन सिंह ने 18 जनवरी को उसकी जांच कर केजीएमयू के डॉक्टरों द्वारा बताई दवाएं जारी रखने को कहा था। ऐसे में इस तथ्य की जांच जरूरी है कि बालिका की मौत किन हालातों में हुई है। 

निर्वाण से एक और बच्चा भागा
इस मामले के बीच निर्वाण से भी एक अन्य बच्चा भाग निकला है। मामले की सूचना अधिकारियों को नहीं दी गई थी। डीपीओ सुधाकर पांडेय ने बताया कि इस मामले सहित पूर्व में बच्चों के भागने के कुल दो मामलों में कार्रवाई की सिफारिश की गई है। 
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