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विरोध के बाद भी मुखाग्नि देकर बेटी ने पूरी की ‘पापा की इच्छा’

Wed, 02 Mar 2016 12:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
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‘पापा मेरे लिए सब कुछ थे। मैंने जब जन्म लिया था तो मेरी आंखों ने पापा को सामने पाया था। पापा ने जब आंखें बंद की, तब मैं उनके आसपास थी। मैंने तो बस, पापा की अंतिम इच्छा पूरी की है।
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इसके लिए कोई कितना भी विरोध क्यों न करे, मैं पापा के सारे काम और सारे अधूरे सपने पूरा करूंगी..।’ यह कहना है बैंक आफ इंडिया के हेड कैशियर रहे दिवंगत राज कुमार की बेटी मंजली राज का। मंजली ने बीते मंगलवार को अपने पिता राजकुमार को भैरव घाट पर मुखाग्नि दी है।

मंजली राजकुमार की इकलौती संतान है। पिता की मृत्यु के बाद मां प्रभा देवी की पूरी देखभाल मंजली के कंधों पर आ गई है। मंजली का परिवार फरवरी 2012 से आवास विकास-3 अंबेडकरनगर में रहता है।
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मंजली ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि कुछ साल पहले वे सभी मन्नीपुरवा में दादी, चाचा, चाची और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहते थे।
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विधि-विधान से बेटी करेगी तेरहवीं

तीन साल पहले अचानक पापा को अल्सर हो गया। इसके बाद लीवर में भी दिक्कत हो गई। ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर बीती 13 फरवरी को पापा को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां मंगलवार (29 फरवरी) की सुबह चार उन्होंने दम तोड़ दिया।

मंजली ने बताया कि पापा की मौत की खबर के बाद जब परिवार में किसी ने सहयोग नहीं दिया तो उसने घाट पर जाने और मुखाग्नि देने का निश्चय कर लिया था।

इसमें मां, नाना, नामी, मामा और मौसी ने पूरा सहयोग दिया। मंजली ने बताया कि बुधवार को पापा की आत्मा की शांति के लिए तेरहवीं पूजा है। इसमें वह सफेद रंग के कपड़े पहन कर पूरी विधि-विधान से काम करेगी। मंजली ने बताया वह बैंक की कोचिंग कर रही है।

मंजली ने बताया कि ‘पापा ने बचपन में ही उसके नाम (मंजली वर्मा) के आगे अपना नाम (मंजली राज) जोड़ दिया था। इच्छा जताई थी कि मौत होने पर उनकी इकलौती बेटी ही उन्हें मुखाग्नि दे।’ मंजली ने बताया कि पापा ने हर इच्छा पूरी की है। अब, पापा की इच्छाएं पूरी करूंगी।

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