‘पापा मेरे लिए सब कुछ थे। मैंने जब जन्म लिया था तो मेरी आंखों ने पापा को सामने पाया था। पापा ने जब आंखें बंद की, तब मैं उनके आसपास थी। मैंने तो बस, पापा की अंतिम इच्छा पूरी की है।
इसके लिए कोई कितना भी विरोध क्यों न करे, मैं पापा के सारे काम और सारे अधूरे सपने पूरा करूंगी..।’ यह कहना है बैंक आफ इंडिया के हेड कैशियर रहे दिवंगत राज कुमार की बेटी मंजली राज का। मंजली ने बीते मंगलवार को अपने पिता राजकुमार को भैरव घाट पर मुखाग्नि दी है।
मंजली राजकुमार की इकलौती संतान है। पिता की मृत्यु के बाद मां प्रभा देवी की पूरी देखभाल मंजली के कंधों पर आ गई है। मंजली का परिवार फरवरी 2012 से आवास विकास-3 अंबेडकरनगर में रहता है।
मंजली ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि कुछ साल पहले वे सभी मन्नीपुरवा में दादी, चाचा, चाची और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहते थे।