फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिना नोटिस के पहुंचे LDA अधिकारी, बेरंग लौटे

Tue, 04 Feb 2014 09:21 AM IST
ऋषि मिश्र/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
रुचि खंड की सड़क पर अवैध कब्ज़ा कर बने मकान को बिना कोई लिखित नोटिस दिए ढहाने पहुंचे एलडीए के अधिकारियों को मुंह की खानी पड़ी।
विज्ञापन


जिसका मकान ढहा, उसने एलडीए के अधिकारियों को बिना कोई नोटिस कार्रवाई न करने को कहा मगर उसकी एक न सुनी गई। बाउंड्रीवॉल और एक कमरा जेसीबी से ढहा दिया गया।

जब शोरशराबा हुआ तो मौके पर सपा नेता भी पहुंच गए। जिनके दबाव में बाकी का ध्वस्तीकरण नहीं किया गया। मकान मालिक का कहना है कि अदालत में मामला है, 10 फरवरी की तारीख है।
विज्ञापन


ऐसे में बिना कोई लिखित नोटिस दिए निर्माण ढहाना गैरकानूनी है। दूसरी ओर, प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता ने माना कि नोटिस के तौर पर एक कागज का टुकड़ा नहीं दिया गया है।

बाकी जिसका मकान गिरा उसको पता सब कुछ है। एलडीए का आरोप है कि रमाबाई मैदान के पास सालेह नगर में एलडीए की जद आने वाल सड़क पर राकेश राजभर का मकान बना हुआ है।

इस कब्जे के चलते सड़क का निर्माण रुका हुआ है। छह मीटर चौड़ा एवं पचास मीटर लम्बे कब्जे में कमरा और चहारदीवारी उठी थी।

इसी कब्जे को हटाने के लिए एलडीए की टीम पुलिस फोर्स और आरएएफ के जवानो के साथ पहुंची थी। वहां निर्माण कार्य को ढहाने का काम शुरू होते ही विरोध शुरू हो गया था।

प्रारंभ हुआ तभी मकान मालिक राकेश राजभर ने विरोध किया। उनका कहना था कि, यह पूरा प्रकरण अदालत में चल रहा है। 10 फरवरी को डेट लगी है। उनको कोई लिखित नोटिस भी नहीं दिया गया है।
विज्ञापन


ऐसे में ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई कैसे की जा रही है। मौके पर सपा नेता राम प्रकाश यादव अपने साथियों के साथ पहुच गए। ध्वस्तीकरण रोकने को बोला। इसके बाद में उनकी एलडीए अधिकारियों के साथ बातचीत हुई और फिर दस्ता वापस चला गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें