डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर फॉर एलपीजी (डीबीटीएल) कार्य योजना को स्थगित किए जाने के चार दिन बाद भी केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से इस संबद्ध में अब तक कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
इसके चलते गैस एजेंसियों पर आधार कार्डधारकों को डीबीटीएल से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। गैस वितरकों का साफ कहना है कि पेट्रोल कंपनियों ने नए निर्देश मिलने तक सभी गैस उपभोक्ताओं को डीबीटीएल से जोड़ने के आवेदन निस्तारित करने को कहा है।
तेल कंपनियों के राज्य समन्वयक यूपी सिंह ने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय से डीबीटीएल के क्रियान्वयन को लेकर कोई निर्देश नहीं आया।
सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को कैश बेस सब्सिडी में आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिका की सुनवाई होनी है।
कयास लगाए जा रहे हैं कि पेट्रोलियम मंत्रालय इस मामले में न्यायालय के निर्णय के बाद ही डीबीटीएल को लेकर कोई नए दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
दूसरी ओर डीबीटीएल से जुड़ चुके तीस फीसदी कस्टमर आधार कार्ड से जुड़े बैंक खाते में सिलेंडर डिलीवरी के कई दिन बाद भी सब्सिडी की 860 रुपया राशि न पहुंचने से परेशान हैं।
आलमबाग स्थित शीला गैस कंपनी के उपभोक्ता एके आनंद ने बताया कि 20 जनवरी को अपने बैंक खाते को सब्सिडी के लिए लिंकअप कराया था। आधार कार्ड से लिंक होने के दो दिन बाद खाते में 450 रुपया की धरोहर राशि पहुंची।
इसके बाद होम डिलीवरी के तहत 25 जनवरी को 1294.50 रुपया देकर सिलेंडर लिया था। नियम के तहत 48 से 72 घंटे में सिलेंडर सब्सिडी के 860 रुपये खाते में आ जाने चाहिए थे लेकिन तीन फरवरी तक उनके खाते में रकम नहीं पहुंची।
इस बाबत यूपी एलपीजी वितरक फेडरेशन के अध्यक्ष डीपी सिंह ने बताया कि सब्सिडी राशि न पहुंचने की कुछ शिकायतें आई हैं। उन्होंने बताया सिस्टम में अपलोडिंग के चलते कुछ समस्या आ रहा है लेकिन किसी को समस्या नहीं होने दी जाएगी।