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यूपी: पोस्ट कोविड मरीजों में अब साइटोमेगालो संक्रमण का खतरा, अस्पतालों व चिकित्सा संस्थानों को किया अलर्ट

Thu, 01 Jul 2021 11:35 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

यूपी में कोरोना संक्रमण पूरी तरह नियंत्रण में नजर आ रहा है। इसके बाद साइटोमेगालो वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। इस संबंध में प्रदेश के सभी चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पोस्ट कोविड मरीजों में अब साइटोमेगालो वायरस के संक्रमण का खतरा है। दिल्ली सहित कई राज्यों में इसके मरीज मिलने के बाद यूपी को अलर्ट कर दिया गया है। प्रदेश के सभी चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि इसके लक्षण दिखने पर मरीजों की तत्काल जांच कराई जाए। हालांकि प्रदेश में अभी तक इस वायरस से संक्रमित कोई मरीज नहीं मिला है।

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कोरोना संक्रमण से मुक्त होने के बाद लोगों में कई तरह की समस्याएं आ रही हैं। पिछले दिनों दिल्ली में कुछ मरीजों में लगातार पेट दर्द और मल के साथ खून आने जैसी समस्याएं आईं। जब इनकी जांच कराई गई तो साइटोमेगालो वायरस का संक्रमण पाया गया। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि एसजीपीजीआई और केजीएमयू में इसकी जांच की सुविधा है।

एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमान ने बताया कि अभी तक प्रदेश में साइटोमेगालो वायरस से संक्रमित कोई मरीज नहीं मिला है। जिन मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उनमें इसका खतरा हो सकता है। एहतियात के तौर पर पोस्ट कोविड के मरीजों में इस वायरस से होने वाले लक्षणों की निगरानी की जा रही है। इसमें बवासीर जैसे लक्षण होते हैं। लक्षण के आधार पर जांच कराने का निर्देश दिया गया है।

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क्या हैं वायरस के लक्षण

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि साइटोमेगालो वायरस लोगों के शरीर में निष्क्रिय रूप में पड़ा रहता है। वहीं, कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। कुछ मरीजों को स्टेरॉयड सहित अन्य दवाएं दी गई है। इस वजह से पोस्ट कोविड मरीजों में साइटोमेगालो वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

इसी तरह लिवर की बीमारियों से पीड़ित लोगों, कैंसर व एड्स के मरीजों और किडनी ट्रांसप्लांट कराने वालों को इस वायरस का खतरा ज्यादा रहता है। इसकी चपेट में आने वाले मरीजों के पेट में दर्द होता है और मल के साथ खून आने लगता है।
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