बिजली उपभोक्ता एक बार फिर साइबर ठगों के निशाने पर आ गए हैं। ऐसे साइबर ठग बिजली उपभोक्ताओं को उनके बिल की रकम को विभाग से वापस करने का फर्जी मैसेज भेज रहे हैं। इन मैसेज में रिफंड करने वाली रकम का भी उल्लेख किया गया है। जो उपभोक्ता इस रकम को पाने के लालच में फंसेगा तो उसका बैंक अकाउंट खाली हो जाएगा।
ऐसे फर्जी मैसेज भेजने वालों के बारे में ग्रेटर लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष रूप कुमार शर्मा ने बताया कि गोमती नगर, गोमती नगर विस्तार सहित कई इलाकों के लोगों ने उनसे ऐसी मैसेज भेजे जाने की शिकायत की। रूप कुमार ने उपभोक्ताओं को सुझाव दिया कि वह साइबर ठग के मैसेज के बाद इस सिलसिले में कोई मोबाइल पर कॉल आए तो बात न करें। बात करने से उनके ठगे जाने का अंदेशा रहेगा।
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फ्रॉड करने वालों ने बिजली विभाग के नाम पर खोजा नया ढंग
बिजली उपभोक्ताओं को ठगने के लिए साइबर ठग के साथ में विभागीय लोगों की मिलीभगत भी लग रही है। रूप कुमार का कहना है, ऐसे मेसेज का संज्ञान न लें। कोई भी एप डाउनलोड न करें और न ही पैसा वापस लेने का प्रयास करें वरना खाते से पूरा पैसा निकल सकता है।
उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से अनुरोध किया कि नागरिकों को सचेत करने के उद्देश्य से सार्वजनिक सूचना व सभी उपभोक्ताओं को मैसेज के माध्यम से अवगत कराएं। इसके अतिरिक्त यह भी जांच का विषय है कि फ्रॉड करने वालों को उपभोक्ताओं के खाता संख्या किस प्रकार मिले?
किसी उपभोक्ता को कितने रुपए रिफंड करने का झांसा
| खाता संख्या |
रकम |
| 5295893903 |
19014 |
| 5664674844 |
15639 |
| 9960527667 |
30755 |
| 5798726950 |
11211 |
| 6583150660 |
40219 |
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड लखनऊ के निदेशक योगेश कुमार ने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को विभाग के द्वारा बिल के संबंध में इस तरह का कोई मैसेज नहीं भेजा जाता है। जिन उपभोक्ताओं को यह मैसेज मिल चुके हैं वह इनको इग्नोर कर दें। मैसेज भेजने वाले कॉल करें तो उनसे कोई बातचीत ना करें नहीं तो ठगे जाएंगे।