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Lucknow: पंचायती राज विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी को छह दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट, वसूले 19.50 लाख

Tue, 19 Nov 2024 05:05 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

पंचायती राज विभाग के एक रिटायर्ड अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट पर ठगों ने उससे 19 लाख रुपये से ज्यादा वसूल लिए। ठगों ने अधिकारी पर मनी लांड्रिंग का आरोप लगाया था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
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विस्तार
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मुंबई पुलिसकर्मी बन जालसाजों ने पंचायती राज्य विभाग उत्तर प्रदेश से रिटायर्ड कर्मचारी को छह दिन तक डिजिटल अरेस्ट रख 19.50 लाख वसूल लिए। आरोपियों ने उन्हें उनके आधार कार्ड का गलत प्रयोग कर बैंक खाता खोलने और उसमें जेट एयरवेज के मालिक संबंधी मनी लांड्रिंग की रकम डालने का आरोप लगाया। पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

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ठाकुरगंज के 118 कूचा सतगुरु सहाय निवासी कमलकांत मिश्रा बीते साल पंचायती राज्य विभाग उप्र से रिटायर हुए थे। कमलकांत के मुताबिक छह नवंबर सुबह करीब साढ़े दस बजे उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई थी। फोनकर्ता ने खुद का मुंबई के अंधेरी ईस्ट थाने का पुलिसकर्मी बताते हुए उन्हें एक आधारकार्ड का नंबर बताया और पूछा कि क्या यह आपका है। हामी भरने पर उसने कहा कि आपके आधार से केनरा बैंक में एक अकाउंट खोला गया है। इसमें जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल मनी लड्रिंग की रकम डाली गई है। घबराए कमलकांत ने जब ऐसे कोई खाता खुला नहीं होने की बात कही तो उसने आधार से जुडे सभी खातों की जानकारी ले ली।

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गिरफ्तार वारंट जारी होने की कही बात 
पीड़ित ने जब ठग से उसका आईडी कार्ड मांगा तो उसने कॉल काट दी। कुछ देर बाद कमलकांत के पास एक और कॉल आई फोनकर्ता ने कहा कि तुम्हारा गिरफ्तारी वारंट जारी होने जा रहा है। इसके बाद कॉल काट दिया फिर तीसरे नंबर से उनके पास व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आई। आरोपी ने खुद का नाम राजेश बताया और बातों में फंसा कर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। पूछताछ के बहाने आरोपी ने उनसे खातों में जमा रकम की जानकारी ले ली। ठग ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सारी रकम की जांच के लिए अपने खातों में ट्रांसफर कराने की बात कही।
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गोपनीय जांच होने तक किसी से बात करने से किया मना
डरे कमलकांत ने जालसाज के खाते में 17 लाख 50 हजार ट्रांसफर कर दिए फिर उसी दिन रात साढ़े आठ बजे एक और व्हाटसऐप कॉल आई। इस बार फोन कर्ता ने खुद का नाम संदीप बताया और बेल अमाउंट जमा करने के नाम पर उनसे 95 हजार जमा कराए फिर 7 सात से 12 नवंबर तक एक लाख 50 हजार रुपये वसूल लिए।

व्हाटस्एप चैट के जरिये संपर्क में रहते थे आरोपी 
रकम के भुगतान के बाद पीड़ित ने साइबर थाने में ठगी का केस दर्ज कराया। कमलकांत ने बताया कि आरोपी छह दिनों तक उनसे वीडियो कॉल और व्हाट्सएप चैट के जरिये उनसे संपर्क में रहे। आरोपियों ने जांच पूरी होने तक उन्हीं की निगरानी में रहने की बात कही।

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