साइबर क्राइम के जटिल मामले, जिनमें पुलिस भी थकहार कर बैठ जाती है, कानपुर के एक जागरूक नागरिक ने सूझ-बूझ और जुनून का परिचय देते हुए साइबर क्रिमिनल को पकड़ने में कामयाबी हासिल की।
इस व्यक्ति की बहू के बैंक खाते से साइबर क्रिमिनल ने 20 हजार रुपये की ठगी कर ली थी। पुलिस एफआईआर दर्ज कर बैठ गई थी।
पर यह व्यक्ति तकनीक और दिमाग के सहारे साइबर क्रिमिनल्स के पीछे पड़ गया। 14 महीने दिन-रात एक करके आखिरकार साइबर क्रिमिनलों के हाईटेक जाल को तोड़ डाला।
गुरुवार को उसने पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम को ले जाकर साइबर क्रिमिनल को पकड़वा दिया।
पनकी स्वराज्य नगर निवासी सुरेंद्र सिंह सिविल डिफेंस के सेक्टर वार्डन हैं। इनके छोटे भाई सतेंद्र सिंह की पत्नी कल्पना सिंह का बैंक ऑफ बड़ौदा की किसान नगर सचेंडी शाखा में एकाउंट है।
ठगों ने ऐसे फंसाया था जाल में
सुरेंद्र ने बताया कि छह दिसंबर 2013 को कल्पना के मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एक निजी मोबाइल कंपनी का अफसर अमित मित्तल बताया।
कहा कि कंपनी के लकी ड्रा में आपका एक लाख 10 हजार रुपये इनाम निकला है। आप अपना एटीएम और एकाउंट नंबर बता दें ताकि इनाम की रकम आपके एकाउंट में डाली जा सके। कल्पना साइबर क्रिमिनल की बातों में फंस गई।
उन्होंने एटीएम का पासवर्ड, बैंक एकाउंट के आखिरी के 16 नंबर बता दिए। थोड़ी देर बाद ही कल्पना के एकाउंट से 20 हजार रुपये की ऑन लाइन शॉपिंग हो गई।
बमुश्किल सचेंडी थाने में एफआईआर दर्ज हुई। सुरेंद्र ने साइबर क्रिमिनल अखिलेंद्र को पकड़ने के लिए काफी दिमाग लगाया। फर्जी कहानी बनाई।
बकौल सुरेंद्र क्राइम ब्रांच के साथ ही वह खुद भी साइबर क्रिमिनल्स के पीछे पड़े रहे। कई बार उसी मोबाइल नंबर से ठग का फोन आया तो उस पर कॉल बैक की।
ऐसे ट्रेस की लोकेशन
सैकड़ों बार फोन करके आधुनिक उपकरणों की मदद से ठग की लोकेशन गजनेर के रठगांव में ट्रेस की। पता चला कि वह नंबर किसी अखिलेंद्र यादव का है।
सुरेंद्र कई बार रठगांव गए तो पता चला कि अखिलेंद्र की रठगांव शराब ठेके के पास कैंटीन है। सुरेंद्र ने मंगलवार शाम करीब चार बजे अखिलेंद्र को मोबाइल पर फोन किया।
कहा कि पनकी में भाटिया होटल तिराहे के पास एक बुजुर्ग एक्सीडेंट में घायल हो गया। बुजुर्ग बेहोश है। बुजुर्ग के पास एक डायरी मिली है।
जिसमें आपका मोबाइल नंबर लिखा है। बुजुर्ग को उर्सला में भर्ती कराया है। आप अस्पताल आकर देख लें तो बुजुर्ग की पहचान हो जाएगी।
तमाम बार कहने के बाद भी अखिलेंद्र उर्सला नहीं आया तो सुरेंद्र सचेंडी थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम के साथ रठगांव पहुंच गए।
आखिर ठग लगा हाथ
मोबाइल से अखिलेंद्र से लगातार बातचीत करते रहे, जिससे उसकी लोकेशन मिलती रही।
पुलिस और क्राइम ब्रांच ने कैंटीन से अखिलेंद्र के भाई बाबू को उठा लिया। फिर बाबू की निशानदेही पर अखिलेंद्र को खेत में काम करते वक्त दबोच लिया।
सूत्रों की मानें तो अखिलेंद्र से ठगी में प्रयुक्त सिम और मोबा्इल फोन बरामद हो गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार 11-12 लोगों का गैंग रडार पर है।
सभी को जल्द दबोच लिया जाएगा। सुरेंद्र ने प्रलोभन देकर लोगों को चपत लगाने वाले 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
इनमें सुमित सचान, लाखन, शिव कुमार, नितिन यादव, विक्रम, पुष्पेंद्र यादव, जयव्रत,. पप्पू अवस्थी, रुपेंद्र यादव, कल्लू और अंसार हैं।