आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर लॉगइन आईडी बनाने पर महीने में छह टिकट बनाने की सुविधा मिलती है। पर, एजेंट फर्जी नामों से आईडी बनाते हैं। आरपीएफ की सीआईबी बताती है कि एक एजेंट ने दो सौ फर्जी आईडी बना लीं तो छह टिकट माह के हिसाब से 12 सौ तक टिकट एडवांस में बुक करा लेता है। होली, दीपावली, न्यू ईयर, गर्मियों की छुट्टियों में टिकटों की मारामारी अधिक होती है। ऐसे में दलाल इन्हें मुंहमांगे दाम पर बेचते हैं।
इधर, वेटिंग से जूझ रहे यात्री
दीपावली के बाद लौटने के लिए वेटिंग शुरू हो गई है। 28, 29 व 30 अक्तूबर को पुष्पक में वेटिंग 29, 32 व 24 पहुंच गई है। अवध एक्सप्रेस की थर्ड एसी बोगी में वेटिंग 37, 49 व 16 और गोरखपुर एलटीटी एक्सप्रेस में 20, 13 व 24 पहुंच गई है।
लखनऊ से दिल्ली के लिए इन्हीं तारीखों में लखनऊ मेल, फैजाबाद-दिल्ली एक्स., एसी व काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में वेटिंग का आंकड़ा 50 पार हो चुका है।
आरपीएफ अधिकारी बताते हैं कि टिकट एजेंट फर्जी आईडी से एडवांस में टिकट बुक कर लेते हैं। मसलन, सुरेंद्र कुमार के नाम से चंडीगढ़ एक्सप्रेस में टिकट बुक कराया तो जब यात्री को कंफर्म टिकट देंगे तो साथ में सुरेंद्र कुमार की फर्जी आईडी या आधार कार्ड तक बनाकर दे देते हैं। पुष्पक से मुंबई जाते वक्त फर्जी आईडी वाले यात्री को गत वर्ष पकड़ा गया था, जिसके बाद रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था।
चारबाग स्टेशन के पास रैकेट
राजधानी में करीब दो हजार अधिकृत एजेंट होंगे, जो अपने अंडर में सब एजेंट भी बनाते हैं। इसमें बड़ी संख्या में फर्जी आईडी का इस्तेमाल करने वाले हैं, जिन पर लगाम लगाने की कार्रवाई हो रही है। चारबाग स्टेशन के आसपास फर्जी आईडी वालों का रैकेट फैला है।
रेल टिकटों में कालाबाजारी करने, फर्जी आईडी से टिकट बनाने या सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने के मामले आरपीएफ धारा 143 में दर्ज करती है। इसके तहत टिकट दलाली करते हुए पकड़े जाने पर एक महीने की सजा या पांच हजार रुपये का जुर्माना लिया जाता है।
पूर्वोत्तर रेलवे के आईजी आरपीएफ अतुल श्रीवास्तव का कहना है कि कानून के दायरे में रहकर हम लगातार टिकटों की दलाली करने वालों के खिलाफ छापामारी करते रहते हैं। इस पर अंकुश भी लग रहा है। हालांकि, फर्जी आईडी से टिकट बनाने वालों की बड़ी संख्या है, जिसे रोकने के लिए इज्जतनगर, वाराणसी मंडलों में भी अभियान चलाए जा रहे हैं।
उत्तर रेलवे के सीनियर डीसीएम जगतोष शुक्ल का कहना है कि आरक्षण केंद्रों पर टिकट दलाली रोकने को लगातार चेकिंग हो रही है। सीसीटीवी कैमरों से लेकर आरपीएफ जवानों की अतिरिक्त तैनाती तक की गई है। स्टेशन परिसर के बाहर फर्जी आईडी से टिकट बनाने वालों की जांच की जिम्मेदारी आरपीएफ की है, जो लगातार चेकिंग कर दलालों की धरपकड़ कर रही है। 2500 से अधिक टिकट एजेंट हैं राजधानी में हैं।
दलालों पर अंकुश लगाने के लिए आरपीएफ ने शुरू की छापामारी
बीते समय टिकट दलालों पर कार्रवाई: चारबाग के आहूजा भवन में आरके ट्रैवल्स पर छापामारी में 120 फर्जी आईडी व 1,21,357 रुपये के टिकट मिले थे। नाका हिंडोला स्थित एके टूर एंड ट्रेवेल्स से 70 फर्जी आईडी व 22,735 रुपये के 20 टिकट बरामद किए गए।
गुरुनानक मार्केट के मॉडर्न ट्रेवेल्स पर छापामारी कर 45 फर्जी आईडी और दो हजार टिकट बरामद किए गए। मेहंदी प्लाजा, ऐरा अस्पताल पर लखनऊ कम्प्यूटर पर से 7,160 रुपये के टिकट पर 50 से अधिक फर्जी आईडी बरामद की गई। गुरुनानक मार्केट के मेसर्स मिश्रा बालाजी टेलीकॉम में छापामारी कर 15 फर्जी आईडी बरामद की गई।