पुलिस के मुताबिक, इस मामले की शिकायत रविंद्र ने 2020 जून में यातायात पुलिस से की थी। जांच के लिए आठ सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया लेकिन शातिर युवती नहीं मिली। रविंद्र ने पुलिस को बताया कि इस दौरान उनकी बेटी की स्कूटी का चालान इतनी बार कटा कि रकम करीब एक लाख रुपये पार हो गई।
पुलिस के मुताबिक, साफिया फरवरी 2020 से फर्जी नंबर पर स्कूटी चला रही थी। रविंद्र ने ठाकुरगंज इंस्पेक्टर हरिशंकर चंद से संपर्क किया। रविंद्र की तहरीर पर केस दर्ज कर मंगलवार को आरोपी युवती साफिया उर्फ अलीशा को गिरफ्तार कर लिया गया।
पकड़ी गई साफिया ने बताया कि वह अपनी स्कूटी पर दूसरे का नंबर सिर्फ चालान से बचने के लिए प्रयोग कर रही थी ताकि नियम तोड़ने पर चालान की रकम उसे न भरनी पड़े।