एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक विजय ने कुबूल किया किया उसने ही आकाश व धर्मवीर सिंह का सहायक समीक्षा अधिकारी का पहचान पत्र बनवाया था। जिस पर सचिवालय के अधिकारी के हस्ताक्षर थे। इन्टरव्यू के बाद विजय धर्मवीर सिंह से प्रिंट किया हुआ नियुक्ति पत्र मंगवाता था और उस पर हस्ताक्षर करके उसे रजिस्ट्री के माध्यम से संबंधित अभ्यर्थी के पते पर भिजवा देता था। फर्जीवाड़े की जानकारी बेरोजगारों को तब होती थी जब वह सचिवालय में ज्वाइन करने पहुंचते थे। वहां सचिवालय कर्मियों द्वारा बताया गया कि यह नियुक्ति-पत्र फर्जी हैं। इस प्रकार की नियुक्ति से संबंधित कोई विज्ञप्ति यहां से जारी नहीं की गयी है। जिसके बाद इनके द्वारा उपरोक्त फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई गयी थी।
नाम बदलकर करता था ठगी
एसटीएफ के मुताबिक धर्मवीर ने पूछताछ में कुबूल किया यिका वह अपना नाम बदलकर लोगों से संपर्क करता था। अजय सिंह नाम से मैने फर्जी आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस व सचिवालय का पहचान पत्र भी बनवाया है। धर्मवीर के खिलाफ हरदोई के देहात कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। जिसमें वारंट भी है। इसी मामले में पुलिस अधीक्षक हरदोई ने 10 हजार का इनाम भी घोषित किया है।