कड़ी दर कड़ी जोड़ी, पूछताछ भी की लेकिन रंजीत का नहीं लगा पता
सीआईए टू की टीम ने गैंगस्टर सतबीर और उसके एक साथी अंकित शर्मा को गिरफ्तार किया है। उनके पास से हथियार भी मिले हैं। इसके बाद पता चला कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के हैं और उन्हें हथियार पटियाला के भादसो इलाके में रहने वाले जसकरण सिंह उर्फ करण ने सौंपे थे। इसके बाद पुलिस ने सतबीर को गिरफ्तार किया तो सतबीर ने कई राज खोले। इसके बाद कमिश्नरेट पुलिस संदीप काहलों तक पहुंची।
संदीप काहलों गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया का काफी नजदीकी रहा है और उसी के कहने पर संदीप काहलों ने अपने दो साथियों मनी रइया और मंदीप तूफान के साथ रंजीत को सतबीर के जरिये बठिंडा भेजा था। पुलिस ने सभी को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की ताकि तीनों गैंगस्टरों का पता लगाया जा सके लेकिन किसी के बारे में भी कुछ नहीं पता लगा। हालांकि यह बात सामने आ रही है कि जिस जगह पर रूपा और मनु कुस्सा का एनकाउंटर हुआ था, वहां कुछ और भी गैंगस्टर मौजूद थे लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह वहां से निकल चुके थे और मनु और रूपा को पुलिस कार्रवाई की खबर तक नहीं मिली।
सभी को दोबारा प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी
कमिश्नरेट लुधियाना की पूछताछ के दौरान पता चला था कि गैंगस्टरों को हथियार बलदेव चौधरी ने सौंपे थे। वह बठिंडा हथियार सप्लाई करके आया था और सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जांच करने में जुटी पुलिस ने पहले ही खुलासा कर दिया था कि हत्याकांड में एके-47 का भी इस्तेमाल हो सकता है। रूपा और मनु के एनकाउंटर के बाद वहां से एके-47 भी मिली थी।
सूत्रों के अनुसार पंजाब पुलिस के बड़े अधिकारी हर जिले में सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जांच के दौरान हुई कार्रवाई को जोड़ रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि कमिश्नरेट पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को दोबारा प्रोडक्शन वारंट पर ले सकती है ताकि एनकाउंटर के बाद बरामद हथियार के बारे में पता लगाया जा सके। इसके अलावा फरार चल रहे बाकी गैंगस्टरों के बारे में भी पता लगाया जा सके। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच करने में जुटी है कि मनी रइया और मंदीप तूफान ने सोशल मीडिया पर जो पोस्ट डाली है, वह कहां से डाली गई है।