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मूसेवाला हत्याकांड: गैंगस्टर मनी रइया और मंदीप तूफान की तलाश, उससे पहले रंजीत को पकड़ने में जुटी पुलिस

Tue, 26 Jul 2022 01:57 AM IST
ajay kumar विकास मल्होत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

कमिश्नरेट लुधियाना की पूछताछ के दौरान पता चला था कि गैंगस्टरों को हथियार बलदेव चौधरी ने सौंपे थे। वह बठिंडा हथियार सप्लाई करके आया था और सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जांच करने में जुटी पुलिस ने पहले ही खुलासा कर दिया था कि हत्याकांड में एके-47 का भी इस्तेमाल हो सकता है।
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पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला - फोटो : इंस्टाग्राम: sidhu_moosewala
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विस्तार
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सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में अब तक कई गैंगस्टरों को पंजाब पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं अमृतसर में पुलिस मुठभेड़ में गैंगस्टर जगरूप सिंह रूपा और मनप्रीत सिंह मन्नू कुस्सा मारे जा चुके हैं। इस मामले में लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस ने विधानसभा के पूर्व स्पीकर निर्मल सिंह काहलों के भतीजे संदीप काहलों को भी गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने अपने साथी सतबीर के साथ गैंगस्टरों को जग्गू भगवानपुरिया के कहने पर हत्याकांड को अंजाम देने से पहले बठिंडा पहुंचाया था। 

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सतबीर जिन तीन लोगों को बठिंडा छोड़कर आया था, उनमें गैंगस्टर मनी रइया, मंदीप तूफान और रंजीत मौजूद थे। सूत्र बताते हैं कि मनी रइया और तूफान के बारे में कमिश्नरेट पुलिस को काफी कुछ जानकारियां मिल चुकी हैं लेकिन रंजीत के बारे में पुलिस के पास भी कोई खास जानकारी नहीं है। पुलिस गैंगस्टर मनी रइया और मंदीप तूफान से पहले रंजीत तक पहुंचने में जुटी है। 

सूत्रों के अनुसार गैंगस्टर रंजीत के पास पंजाब के अलावा पड़ोसी राज्यों के गैंगस्टरों के बारे में भी पूरी जानकारी है। पुलिस की कोशिश है कि रंजीत को गिरफ्तार कर गैंगस्टरों के बारे में पूरी जानकारी हासिल की जा सके। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में रंजीत कई बड़े खुलासे कर सकता है। इस मामले में मनी रइया, मंदीप तूफान, रंजीत और दीपक मुंडी जो बड़े नाम हैं, अभी फरार हैं। पुलिस इन्हें काबू कर आगे की कार्रवाई कर सकती है।

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कड़ी दर कड़ी जोड़ी, पूछताछ भी की लेकिन रंजीत का नहीं लगा पता
सीआईए टू की टीम ने गैंगस्टर सतबीर और उसके एक साथी अंकित शर्मा को गिरफ्तार किया है। उनके पास से हथियार भी मिले हैं। इसके बाद पता चला कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के हैं और उन्हें हथियार पटियाला के भादसो इलाके में रहने वाले जसकरण सिंह उर्फ करण ने सौंपे थे। इसके बाद पुलिस ने सतबीर को गिरफ्तार किया तो सतबीर ने कई राज खोले। इसके बाद कमिश्नरेट पुलिस संदीप काहलों तक पहुंची। 

संदीप काहलों गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया का काफी नजदीकी रहा है और उसी के कहने पर संदीप काहलों ने अपने दो साथियों मनी रइया और मंदीप तूफान के साथ रंजीत को सतबीर के जरिये बठिंडा भेजा था। पुलिस ने सभी को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की ताकि तीनों गैंगस्टरों का पता लगाया जा सके लेकिन किसी के बारे में भी कुछ नहीं पता लगा। हालांकि यह बात सामने आ रही है कि जिस जगह पर रूपा और मनु कुस्सा का एनकाउंटर हुआ था, वहां कुछ और भी गैंगस्टर मौजूद थे लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह वहां से निकल चुके थे और मनु और रूपा को पुलिस कार्रवाई की खबर तक नहीं मिली। 

सभी को दोबारा प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी
कमिश्नरेट लुधियाना की पूछताछ के दौरान पता चला था कि गैंगस्टरों को हथियार बलदेव चौधरी ने सौंपे थे। वह बठिंडा हथियार सप्लाई करके आया था और सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जांच करने में जुटी पुलिस ने पहले ही खुलासा कर दिया था कि हत्याकांड में एके-47 का भी इस्तेमाल हो सकता है। रूपा और मनु के एनकाउंटर के बाद वहां से एके-47 भी मिली थी।

सूत्रों के अनुसार पंजाब पुलिस के बड़े अधिकारी हर जिले में सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जांच के दौरान हुई कार्रवाई को जोड़ रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि कमिश्नरेट पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को दोबारा प्रोडक्शन वारंट पर ले सकती है ताकि एनकाउंटर के बाद बरामद हथियार के बारे में पता लगाया जा सके। इसके अलावा फरार चल रहे बाकी गैंगस्टरों के बारे में भी पता लगाया जा सके। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच करने में जुटी है कि मनी रइया और मंदीप तूफान ने सोशल मीडिया पर जो पोस्ट डाली है, वह कहां से डाली गई है। 
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