इंदिरानगर की कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक विजय कुमार तिवारी से 50 लाख रुपये ठगने के आरोपी मलिहाबाद के तिलसुआ निवासी महेंद्र यादव को सर्विलांस सेल की टीम ने सोमवार को दबोच लिया।
कंपनी संचालक ने पांच जून को उसके खिलाफ गाजीपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी।
इस मामले में एक अन्य आरोपी गुड्डू को पुलिस बीते माह गिरफ्तार कर चुकी है।
एसएसपी के प्रवक्ता आलोक पाठक ने बताया कि करीब दो माह पूर्व विजय के ऑफिस में मोहनलालगंज का ज्ञानेंद्र उर्फ बबलू आया और जैतीखेड़ा में अच्छे रेट पर जमीन दिलाने की बात कही।
ज्ञानेंद्र ने बताया कि यह जमीन जैतीखेड़ा निवासी नंद किशोर की पत्नी सुलोचना के नाम पर है।
ज्ञानेंद्र के साथ विजय ने जमीन देख ली। राजस्व अभिलेखों की पड़ताल की गई तो उसमें भी जमीन सुलोचना के नाम पर दर्ज मिली।
इसके बाद ज्ञानेंद्र ने महेंद्र उर्फ रत्नेश कुमार और निगोहां के कोयलीखेड़ा निवासी गुड्डू को सुलोचना का रिश्तेदार बताते हुए विजय से मुलाकात कराई।
बताते हैं कि विजय ने 5, 20 और 25 लाख रुपये के तीन चेक देकर सुलोचना से जमीन का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट भी करा लिया।
इसके बाद विजय लेखपाल व अन्य अफसरों को लेकर जमीन की पैमाइश कराने पहुंचे तो ग्रामीणों ने कब्जे का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया।
पूछताछ में विजय ने सुलोचना से जमीन खरीदने की बात कही तो ग्रामीण इसे झूठ बताते हुए मारपीट पर उतारू हो गए। इसी बीच सुलोचना भी पहुंच गई। उसे देखते ही विजय के होश उड़ गए।
जिस सुलोचना से उन्होंने जमीन का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट किया था, वह तो कोई और थी।
छानबीन में पता चला कि ज्ञानेंद्र, महेंद्र, गुड्डू और उन्नाव के अजगैन के जुराखन खेड़ा बनरहा निवासी सुनीता शर्मा ने उसे फंसाया और 50 लाख रुपये ठग लिए।
विजय ने पांच जून को गाजीपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराई। मामले की जांच गाजीपुर थाना के दरोगा धनेश प्रसाद कर रहे थे। पुलिस ने गुड्डू को गिरफ्तार कर लिया था।
सोमवार को पॉलीटेक्निक चौराहा बस अड्डे पर महेंद्र यादव की मौजूदगी की जानकारी पाकर सर्विलांस सेल के सिपाही सुनील राय और कपूर चंद्र पटेल मौके पर पहुंचे और उसे दबोच लिया।