लखनऊ में एक कारोबारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्याकांड का खुलासा हुआ तो लालची चौकीदार का अमानवीय चेहरा सामने आया।
बंथरा में आरा मशीन के मालिक शिवकुमार रावत की हत्या व लूट के मामले में चौकीदार समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को पुलिस ने घटना का खुलासा किया है।
बताया कि बेइज्जती का बदला लेने के लिये इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। आरोपियों के पास से पुलिस ने शिवकुमार की खून से सनी शर्ट, नकदी, तमंचा व कुछ जेवरात बरामद करने का दावा किया है।
एसओ बंथरा के मुताबिक, उन्नाव के अटरियनखेड़ा निवासी जगदीश उर्फ ओमप्रकाश कुछ दिन पहले शिवकुमार की आरामशीन पर लकड़ी बेचने गया था।
रात हो जाने की वजह से शिवकुमार ने लकड़ी खरीदने से मना कर दिया था। इस पर जगदीश दीवार फांदकर उसकी आरामशीन में घुस गया था। विरोध पर शिवकुमार से उसका झगड़ा हो गया।
शिवकुमार के परिवारीजनों ने जगदीश व उसके साथी शिवविजय की पिटाई कर दी थी। इस बेइज्जती का बदला लेने के लिए जगदीश ने शिवकुमार के चौकीदार असोहा-उन्नाव के अटरियनखेड़ा निवासी शीतल यादव को शामिल कर वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई।
बेरहमी से हत्या फिर तिजोरी साफ
जगदीश मंगलवार रात अपने बेटे धीरेंद्र व गढ़ी-करमली में रहने वाले शिव विजय तथा एक अन्य बदमाश के साथ कटी बगिया पहुंचे और बनी-मोहान रोड पर वाहन खड़ाकर पहले वह आरामशीन में मौजूद शीतल से मिले।
धीरेंद्र ने बताया कि वह शिवकुमार के पास पहुंचे तो शिवकुमार ने उसके पिता को पहचान लिया। पोल खुलने के डर से धीरेंद्र ने पहले उसका गला घोंट दिया।
उसके गले पर बेलचे से वार कर दिया, जबकि शिव विजय ने पीछे से उसके सिर पर लोहे की रॉड मार दी। इससे शिवकुमार की मौके पर ही मौत हो गई।
इसके बाद तीनों वहां रखी अलमारी का ताला तोड़ा तो उसमें रखे 80 हजार रुपये लूट लिए। पुलिस को शीतल यादव व धीरेंद्र रावत को गिरफ्तार कर उनके पास से 18 हजार रुपये व जेवर बरामद किए हैं।
पुलिस के गुडवर्क पर उठे सवाल
बंथरा इलाके में चार दिन पहले शिव कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने न तो अब तक मृतक के परिवारीजनों को आरोपियों से बरामद पायल की पहचान कराई और न ही लूटी गई लाइसेंसी बंदूक बरामद कर सकी है।
इतना ही नही शिवकुमार की हत्या में इस्तेमाल किया गया लोहे का रॉड व धारदार हथियार भी पुलिस अब तक नही बरामद कर सकी है।
इस बारे में एसओ बंथरा का कहना है कि लाइसेंसी बंदूक, हत्या में इस्तेमाल किये जाने वाले लोहे के रॉड व धारदार औजार फरार आरोपी जगदीश व शिव विजय ने कहीं छुपा रखा है।
उनकी गिरफ्तारी के बाद बरामद कर लिए जायेंगे। इससे पुलिस के गुडवर्क पर कई सवाल उठ गये हैं।