ठाकुरगंज की कैटल कॉलोनी स्थित दुर्गा महाशक्ति मंदिर के पुजारी जगदीश नारायन कश्यप (55) की पत्थर से कूंचकर हत्या कर दी गई।
शुक्रवार सुबह पुजारी का भाई रंजीत मंदिर पहुंचा तो वहां कमरे में खून से लथपथ शव मिला। आसपास खून फैला हुआ था। पुलिस को मौके पर एक पत्थर भी मिला है।
परिवारीजनों ने जमीन के विवाद या गांव में रंजिश में हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
एसओ समर बहादुर यादव के मुताबिक, जगदीश मूल रूप से माल के मसीढ़ा हमीर गांव के रहने वाले थे। वह मंदिर परिसर में ही बने कमरे में रहते थे।
एनजीओ भी चलाते थे जगदीश
एसओ ने बताया कि रात में सोते समय किसी ने जगदीश पर हमला कर उनकी हत्या कर दी। पुजारी का मोबाइल गायब है। परिवारीजनों के मुताबिक जगदीश एक एनजीओ भी चलाते थे, जिसके कागजात गायब हैं।
परिवार में पत्नी शांति देवी के अलावा बेटा बृजेश (23), धर्मेंद्र (20) और परीक्षित (15) हैं। परीक्षित पढ़ाई कर रहा है, जबकि बाकी दोनों मजदूरी करते हैं।
पुजारी की मां की भी हुई थी हत्या परिवारीजनों के अनुसार 11 दिसंबर 1999 को गांव की जमीन के विवाद में जगदीश की मां चंदो देवी की भी हत्या कर दी गई थी।
मामले में गांव के ही दीनदयाल, गहरू और देवी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई थी। तबसे दोनों पक्षों में रंजिश चल रही है।
इसके अलावा जगदीश के भाइयों की भी गांव में रंजिश है। परिवारीजनों का कहना है कि मंदिर के सामने की तीन बीघा जमीन को लेकर भी किसी से विवाद चल रहा है। पुलिस दोनों बिंदुओं पर पड़ताल कर रही है।