चारबाग रेलवे स्टेशन की छोटी लाइन पर रविवार सुबह पॉलीटेक्निक के छात्र शशांक गौड़ (21) का दो हिस्सों में कटा शव मिला। यात्रियों की सूचना पर पहुंची जीआरपी को तलाशी में उसके पास से रेल टिकट और मोबाइल फोन मिला।
जीआरपी ने फोन कर परिवारीजनों को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे शशांक के बड़े भाई प्रशांत ने बताया वह घर आने की बात कहकर चारबाग स्टेशन आया था। भाई ने दोस्तों पर शशांक की हत्या का शक जाहिर करते हुए जांच की मांग की है।
गांधीनगर शुक्लागंज, उन्नाव निवासी शशांक राजकीय पॉलीटेक्निक में पीजीडीसीए दूसरे वर्ष का छात्र था। वह मानकनगर में अपने रिश्तेदार मोतीलाल के यहां रहता था। शनिवार शाम करीब चार बजे ममेरा भाई अभिषेक उसे छोड़ने चारबाग रेलवे स्टेशन गया था। इसी बीच शशांक ने एक दोस्त का फोन आने पर इस्माइलगंज, इंदिरानगर जाने की बात कहकर अभिषेक को लौटा दिया।
भाई बोला दोस्तों ने मारा डाला
रात आठ बजे अभिषेक ने शशांक को कॉल किया तो उसने अपनी लोकेशन गोमतीनगर बताई। रात 9:20 मिनट पर शशांक का फोन स्विच ऑफ हो गया। जबकि रविवार सुबह करीब नौ बजे उसका शव चारबाग छोटी लाइन पर दो हिस्सों में कटा मिला।
जीआरपी को तलाशी में उसके पास से मोबाइल फोन और बादशाह नगर से चारबाग तक मेमो का टिकट मिला। जीआरपी ने फोन से घरवालों को बुलाया। मौके पर पहुंचे बड़े भाई प्रशांत ने दोस्तों पर शशांक की हत्या का आरोप लगाया। जीआरपी प्रभारी निरीक्षक ने बताया मामले की जांच कराई जा रही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशांत ने बताया देर शाम शशांक ने मां को फोन करके जल्द घर पहुंचने की बात कहकर फोन काट दिया था। देर रात तक जब वह घर नहीं पहुंचा। इस पर उसके नंबर पर कॉल किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ था। तलाश के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। भाई का कहना है आखिरी बार शशांक की लंबी बात और उसके संग कौन स्टेशन पर आया था। इस सब बिंदुओं की जांच बाद मौत का रहस्य साफ होगा।