इंदिरानगर में एसआईटी के इंस्पेक्टर अशोक कुमार त्रिपाठी ने कहासुनी के बाद बुधवार रात करीब 11 बजे पत्नी ममता को गोली मारने के बाद खुद को गोली मार ली। इंस्पेक्टर अशोक की मौत हो गई जबकि ममता कोमा में है।
बताया जा रहा है कि पति-पत्नी में सुबह से ही झगड़ा चल रहा था। रात करीब दस बजे फिर कहासुनी हुई तो नशे में धुत अशोक आपा खो बैठे और लाइसेंसी रिवॉल्वर से ममता की बायीं कनपटी पर गोली मारने के बाद अपनी दायीं कनपटी पर गोली मार ली।
इंस्पेक्टर अशोक कुमार त्रिपाठी तीन साल से ‘सी’ ब्लॉक में पत्नी ममता, बेटी ऐश्वर्या और बेटे प्रणव के साथ किराए के मकान में रह रहे थे। बेटा-बेटी कहीं बाहर गए थे।
मकान के सामने रहने वाले प्रणव के दोस्त के मुताबिक शोरगुल सुनकर वह घर आया तो दोनों को झगड़ते देख मकान मालिक को सूचना दी। मकान मालिक वहां पहुंचते कि गोलियां चलने की आवाज आई।
दरवाजा तोड़कर भीतर पहुंची पुलिस
मकान मालिक भागते हुए नीचे आए तो दरवाजा भीतर से बंद मिला। आवाज देने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो मकान मालिक ने मॉडर्न कंट्रोलरूम को सूचना दी।
पुलिस दरवाजा तोड़कर भीतर पहुंची तो ड्राइंगरूम के फर्श पर दोनों को खून से लथपथ तड़पते पाया। आनन-फानन दोनों को लोहिया अस्पताल ले जाया गया।
डॉक्टरों ने अशोक को मृत घोषित कर दिया, जबकि ममता को ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया। सूचना पाकर डीआईजी आरके चतुर्वेदी, सीओ गाजीपुर दिनेश पुरी मौके पर पहुंचे और छानबीन की। पुलिस ने अशोक की लाइसेंसी रिवॉल्वर जब्त कर ली है।
अनाज घोटाले की जांच कर रहे थे अशोक
इंस्पेक्टर अशोक तीन महीने पहले ही एसआईटी में आए थे। उन्हें बस्ती और गोरखपुर में अनाज घोटाले की जांच सौंपी गई थी। चर्चा है कि एसआईटी में तैनाती के बाद से अशोक तनाव में थे और अक्सर पत्नी से उनका झगड़ा होता था।