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एसओ ने महिला सिपाही को दिखाई अश्लील क्लिप

Tue, 05 May 2015 03:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
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विभूति खंड थाने में महिला कांस्टेबल को अश्लील क्लिप दिखाकर छेड़खानी के मामले में विशाखा कमेटी ने तत्कालीन एसओ पंकज सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है।
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प्रभारी एसएसपी ने इंस्पेक्टर विभूति खंड को मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश के आदेश दिए हैं। अश्लीलता के आरोपी एसओ पंकज सिंह का तबादला कर अफसरों ने मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया था।

पुलिस के मुताबिक, विभूति खंड थाने में तैनात एक महिला कांस्टेबल ने जनवरी 14 में एसओ पंकज सिंह की करतूत को फेसबुक पर उजागर किया था।

आरोप था कि एसओ पंकज सिंह ने उसे अपने कक्ष में बुलाकर मोबाइल पर अश्लील क्लिप दिखाई। इस मामले में ठोस कार्रवाई के बजाय तत्कालीन एसएसपी ने सीओ बबिता सिंह को जांच सौंपी।
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ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था मामला

मामला तूल पकड़ने पर पंकज सिंह को हटा दिया गया। कुछ दिनों बाद उसका बाराबंकी तबादला कर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अपमान से क्षुब्ध महिला कांस्टेबल ने आला अफसरों से शिकायत की।

मामले की जांच विशाखा कमेटी को सौंप दी गई। उन्नाव की तत्कालीन एसपी सोनिया सिंह, तत्कालीन सीओ कैंट बबिता सिंह समेत तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच के बाद पंकज सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की।

सूत्रों का कहना है कि मुकदमे की सिफारिश की भनक लगने पर पंकज सिंह के करीबी लोगों ने एसएसपी से पैरवी की और विभूति खंड पुलिस कई दिन से रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही थी। इससे आहत महिला कांस्टेबल ने एसएसपी यशस्वी यादव के हटते ही उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई।

इस पर डीआईजी/प्रभारी एसएसपी आरके चतुर्वेदी ने विशाखा कमेटी की सिफारिश की फाइल तलब की और इंस्पेक्टर विभूति खंड को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बावजूद विभूति खंड पुलिस ने रात तक रिपोर्ट नहीं लिखी थी।

महिला कांस्टेबल ने फेसबुक पर किया था खुलासा

महिला कांस्टेबल ने लिखा, ‘एसओ विभूति खंड करप्ट है। विभूति खंड थाने में एक लेडी कांस्टेबल से एसओ का अफेयर है। एक दिन एसओ ने मुझे आफिस बुलाया। वह मोबाइल पर अश्लील तस्वीरें देख रहा था।

इस पर मैं नाराज हो गई और वहां से अपने घर चली गई। मैंने डीआईजी और एसएसपी से शिकायत की। दो जनवरी को जब मैं थाना गई तो एसओ और महिला कांस्टेबल ने एक प्लान बनाया। वह झगड़ा करने लगी। उसने अपशब्द कहे।
इसकी रिपोर्ट बनाकर भेजी गई। फिर मुझे और दूसरी महिला कांस्टेबल को थाना से ट्रांसफर कर दिया गया। ... तो दोस्तों किसे ट्रांसफर होना चाहिए। दोस्तों क्या आपको नहीं लगता कि किसी पुलिस स्टेशन में ऐसे थानेदार नहीं होने चाहिए।

एसएसपी और डीआईजी इस मामले में कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे? वो ऐसे अभद्र और भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ हैं तो क्यों उसे सजा नहीं दे रहे या ट्रांसफर नहीं कर रहे। मैं इस्तीफा देने जा रही हूं। मैं एक स्वाभिमानी व्यक्ति हूं और यह कभी बर्दाश्त नहीं करूंगी।’ सुषमा की इस पोस्ट को कई पुलिसकर्मियों ने लाइक और शेयर किया है।
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इस्तीफे से मची थी खलबली

एसओ पंकज सिंह पर कार्रवाई न होते देख महिला कांस्टेबल ने फेसबुक पर अपडेट किया था कि ‘आखिर मैं क्यों चुप रहूं...’ गुड मार्निंग सभी दोस्तों और मीडिया। धन्यवाद। मैने अपना इस्तीफा एसएसपी सर को दे दिया है... और मैं झूठ नहीं बोल रही।

जो कुछ भी मैंने आपको बताया वो सब सही है। मैं डीआईजी/एसएसपी को लंबे समय से मैसेज करती रही। एसएसपी सर बहुत अच्छे इंसान हैं। डीआईजी सर क्यों खामोश हैं, मैं नहीं जानती। जिनके लिए मैंने काम किया... वो कह रहे हैं कि सब निराधार है।

मैं एसएसपी सर के काम की प्रशंसा करती हूं...। और एसपी टीजी सर से मुझे चेतावनी मिली है.. पर मैं इससे डरने वाली नहीं हूं। क्योंकि मैंने इस तरह की कोई चीज नहीं की है। मैं केवल इस्तीफा चाहती हूं। एसओ जो कि भ्रष्ट है... केवल वही उनका है। धन्यवाद।’ इससे महकमे में खलबली मच गई थी।
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