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अंबेडकर पार्क स्मारक समिति: पीएफ फंड गबन में सात आरोपी पकड़े, पुलिस ने दिल्ली व लखनऊ में की छापेमारी

Mon, 07 Mar 2022 10:46 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

अंबेडकर पार्क स्मारक समिति में कर्मचारियों के पीएफ के 10 करोड़ रुपये जाली दस्तावेज का उपयोग कर समिति के खाते से निकाले गए थे। कर्मचारियों की रकम एफडी के लिए बैंक में जमा कराई गई थी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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अंबेडकर पार्क स्मारक समिति के 6500 कर्मचारियों के पीएफ के 10 करोड़ रुपये के गबन मामले में गोमतीनगर पुलिस ने दिल्ली व लखनऊ में विभिन्न स्थानों पर छापा मारकर सात आरोपियों को हिरासत में लिया है। नोएडा व दिल्ली से इनको लखनऊ लाया जा रहा है। इनमें स्मारक समिति का लेखाकार संजय सिंह, समिति का लेखाकार बन खाते खुलवाने वाले आरोपी कृष्णमोहन श्रीवास्तव समेत सात आरोपी शामिल हैं। गबन कराने में शामिल बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर नागेंद्र पाल से भी पुलिस पूछताछ कर रही है।

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अंबेडकर पार्क स्मारक समिति के मुख्य प्रबंधक और एलडीए सचिव पवन गंगवार ने 16 सितंबर 2021 को बैंक ऑफ बड़ौदा की रोशनाबाद शाखा के प्रबंधक नागेंद्र पाल, कृष्ण मोहन श्रीवास्तव व अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ गोमतीनगर थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि जाली दस्तावेजों का उपयोग करके और शाखा प्रबंधक की मिलीभगत से समिति की राशि व्यक्तिगत खाते में जमा करा दी गई है। समिति ने तीन साल एक महीने की एफडी कराने के लिए 31 मार्च को बैंक की रोशनाबाद शाखा में 48 करोड़ रुपये जमा कराए थे। बैंक ने 28 मई 2021 तक सिर्फ 38 करोड़ रुपये की एफडी के ही प्रपत्र समिति को उपलब्ध कराए थे। इस पर छानबीन में मामला पकड़ में आ गया था।

पता चला कि पांच अप्रैल को समिति की बैठक का हवाला देते हुए एक बचत खाता खोलने के निर्णय का बैंक को पत्र भेजा गया। एलडीए सचिव व मुख्य प्रबंधक पवन गंगवार के  साथ समिति के प्रबंधक वित्त देवेंद्र मणि उपाध्याय के जाली हस्ताक्षर भी इसमें किए गए थे। पत्र में समिति के सहायक लेखाकार कृष्णमोहन श्रीवास्तव को अधिकृत दिखाया गया। बैंक खाते से नया ई-मेल एड्रेस व मोबाइल नंबर भी लिंक करा दिया गया। जबकि कृष्णमोहन नाम का समिति में कोई कर्मचारी ही नहीं है। न ही पत्र में पांच अप्रैल को समिति की किसी बैठक का जिक्र था। इन सबके चलते मुख्य प्रबंधक ने बैंक के शाखा प्रबंधक पर ही साठगांठ कर गबन का आरोप लगाया। एफआईआर में कथित कृष्णमोहन श्रीवास्तव को भी नामजद किया गया है।
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पांच महीने से चल रही जांच, अब कार्रवाई शुरू
एफआईआर के बाद से इस मामले की छानबीन कर रही गोमतीनगर पुलिस ने शनिवार को दिल्ली से समिति के लेखाकार संजय सिंह, आरोपी कृष्णमोहन श्रीवास्तव व पांच अन्य लोगों को हिरासत में लिया है। पता चला है कि समिति के बैंक खाते से रकम राइट पे नामक फर्जी कंपनी में ट्रांसफर की गई थी। इस कंपनी के एक उच्चाधिकारी को गोमतीनगर पुलिस ने दिल्ली से दबोच लिया है। इसी कंपनी से जुड़े दो अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। गोमतीनगर इंस्पेक्टर केशव कुमार तिवारी ने बताया कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

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ये था मामला

एलडीए ने अंबेडकर पार्क स्मारक समिति के लगभग 6500 संविदा कर्मियों के ईपीएफ के 48 करोड़ रुपये की रकम बैंक ऑफ बड़ौदा में जमा कराई गई थी। इससे छोटी-छोटी रकम की एफडी होनी थी। बैंक ऑफ बड़ौदा ने फर्जी तरीके से एक व्यक्ति को नामित करके नादान महल रोड स्थित बैंक की छोटी शाखा में इस रकम का निवेश कर दिया, जिसे बाद में साठगांठ से प्राइवेट बैंक में ट्र्रांसफर कर दिया गया था। एलडीए को इसकी भनक लगते ही 38 करोड़ रुपये बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में वापस मंगा लिए गए थे।

सहायक प्रबंधक (वित्त) देवेंद्र मणि उपाध्याय ने समय पर घोटाले की जानकारी उच्च अधिकारियों को नहीं दी थी। इसके कागजातों पर समिति के मुख्य प्रबंधक और सहायक प्रबंधक वित्त के संयुक्त हस्ताक्षर थे। मगर पत्रों एवं हस्ताक्षर का सत्यापन नहीं कराया गया था। इस रकम के 10 करोड़ रुपये आज तक रिकवर नहीं हो सके हैं। मामले में एलडीए उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने समिति के सहायक प्रबंधक (वित्त) देवेंद्र मणि उपाध्याय को निलंबित कर दिया था। देवेंद्र अभी निलंबित ही चल रहे हैं।
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