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ग्राम पंचायत सदस्य की कनपटी में गोली मारकर हत्या

Mon, 06 Jun 2016 11:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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अशोक कुमार मौर्या उर्फ लाला (इनसेट में) - फोटो : amar ujala
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बंथरा में सोमवार सुबह करीब नौ बजे तीन बदमाशों ने ग्राम पंचायत सदस्य अशोक कुमार मौर्या उर्फ लाला (55) की कनपटी पर गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के वक्त अशोक घर पर स्थित परचून की दुकान में बैठे थे।
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बदमाश सिगरेट और गुटखा खरीदने के बहाने आए और हत्या के बाद हवाई फायरिंग करते हुए भाग निकले। परिवारीजन अशोक को अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

एसएसपी मंजिल सैनी, एएसपी पूर्वी शिवराम यादव और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पहुंचकर छानबीन की। मौके से एक खोखा मिला है।

गांव के बीचो-बीच हुई सनसनीखेज वारदात से अफरा-तफरी मच गई। गोली की आवाज सुनकर चाचा दिनेश मौर्या व चचेरा भाई बंटी बाहर आए और शोर मचाते हुए बदमाशों के पीछे भागे लेकिन उन्हें पकड़ा नहीं जा सका।
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रोकने की कोशिश की तो तमंचा तान दिया

जांच करती पुलिस - फोटो : amar ujala
गांव के सोनू गौतम और सनी ने भी बदमाशों को रोकने की कोशिश की तो बदमाशों ने उन पर तमंचा तानकर गोली मारने की धमकी दी तो वह घबराकर पीछे हट गए। एएसपी पूर्वी ने बताया कि परिवारीजनों ने जमीन को लेकर परिवारीजनों से चल रहे पुराने विवाद में हत्या की बात कही है।

अशोक की पत्नी विमलेश की 18 साल पहले मौत हो चुकी है। घर पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की कंपनी में काम करने वाला बेटा धीरज और आशू राज के अलावा बेटी सीमा और उसका ड्राइवर पति पंकज रहते हैं।

एक बेटी की शादी पंजाब में नौकरी कर रहे सर्वेश से हुई है। वह भी साथ ही रहती है। अशोक के पास बीते 15 साल से छोटे भाई प्रमोद मौर्या की पत्नी शशि के नाम से राशन की दुकान है।

प्रापर्टी के अलावा ठेकेदारी, कोटेदार और अन्य विवादों की छानबीन की जा रही है। गांव के ही पिता-पुत्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

बदमाश कई दिन से कर रहे थे रेकी

आशू राज ने बताया कि बदमाश चार-पांच दिन से घर के आसपास घूमते देखे जा रहे थे। उसने बताया कि रोज सुबह करीब आठ बजे वही दुकान खोलता था। नौ बजे पिता आते थे।

सोमवार सुबह उसने दुकान खोली तो जींस-टीशर्ट पहने व गले में नारंगी रंग का अंगौछा डाले कुछ संदिग्ध आसपास घूमते दिखे। उसने बताया कि नौ बजे करीब पिता के आने पर वह भीतर चला गया तो लाल रंग की बाइक से वही तीन बदमाश दुकान पर आ गए।

सिगरेट और गुटखा खरीदने के बाद तीनों कुछ देर दुकान के पास खड़े रहे फिर इधर-उधर टहलने लगे। दुकान के सामने लगे हैंडपंप से पानी पिया।

करीब दस मिनट बाद एक बदमाश बाइक स्टार्ट करके दुकान के सामने खड़ा हो गया जबकि दो बदमाश फिर दुकान पहुंचे और पिता से सिगरेट मांगी। सिगरेट लेने के लिए पिता जैसे ही मुड़े, बदमाशों ने हाथों में दो-दो तमंचे निकाल लिए। एक ने उनकी दांयी कनपटी से तमंचा सटाकर गोली मार दी।
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ये भी हो सकता है हत्या का एक कारण

अशोक मौर्या के पिता औसान बंथरा स्थित अपने मामा सुखलाल के घर रहते थे। सुखलाल व उसके भाई गयादीन के पास आठ बीघा जमीन थी। सुखलाल ने अपने हिस्से की चार बीघा जमीन अशोक के पिता को दे दी थी। इसे लेकर गयादीन के बेटे शिव विशाल मौर्या से अशोक का विवाद चल रहा है।

परिजनों के मुताबिक, इसी जमीन को लेकर उनका एक मुकदमा दीवानी व दूसरा उपजिलाधिकारी कोर्ट मे लंबित है। मृतक के भाई दिनेश ने शिव विशाल मौर्या व उसके बेटे अंकुर पर हत्या कराने का आरोप लगाया है। पुलिस दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

मूकदर्शक बने रहे राशन की दुकान पर खड़े लोग
घटना के दौरान अशोक का बेटा धीरज अपनी चाची की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर राशन बांट रहा था। उस समय गांव के तमाम लोग राशन लेने के लिए वहां मौजूद थे। गोली चलने की आवाज सुनते ही धीरज शोर मचाते हुए पिता के हमलावरों को पकड़ने दौड़ा जबकि राशन लेने के लिए खड़े लोग मूकदर्शक बने रहे।
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