परिजनों का आरोप है कि विभूतिखंड पुलिस को मामले की जानकारी पहले ही हो गई थी। मगर पुलिस घटना को छिपाए रही। रजत के पिता का कहना है कि वो अब पुलिस कमिश्नर को ही तहरीर देंगे, ताकि पुलिस की भूमिका की भी जांच हो सके।
एसीपी विभूतिखंड अनूप कुमार सिंह ने बताया कि रजत होटल में क्यों और किसके साथ ठहरा था। इसकी पड़ताल की जा रही है। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल के साथ ही होटल और लोहिया अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज चेक किए जा रहे हैं। रंजिश, प्रेम प्रसंग, नशे में झगड़ा आदि बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
हरि सिंह सेंगर ने बताया कि गुरुवार को घर से निकलने के कुछ देर बाद ही रजत का मोबाइल फोन बंद हो गया था। 28 अगस्त की सुबह विभूतिखंड थाने के एक दरोगा ने फोन कर रजत की मौत होने की जानकारी दी।
पांच लोगों के लिए बुक थे चार कमरे
हरि सिंह सेंगर ने बताया कि जब वह होटल मीना इन पहुंचे तो पता चला कि 26 अगस्त को ही रजत के साथ सुलभ सिंह, उपेंद्र राय, अमन सिंह और विनोद तिवारी के लिए वहां चार कमरे बुक किए गए थे। कमरा नंबर 203 में रजत और सुलभ सिंह ठहरे थे, जबकि उपेंद्र राय 201, अमन सिंह 202 और विनोद तिवारी कमरा नंबर 105 में ठहरे थे।