बेटे को लेने गए थे तभी हुए गायब
डीसीपी गोपाल चौधरी ने बताया कि मुकेश सिंह बीते गुरुवार की शाम मोटर साइकिल से अपने लड़के को लेने गोपालखेड़ा पुल गए थे। जब उनका लड़का गोपालखेड़ा पुल पर पंहुचा तो मुकेश सिंह उनको वहां नहीं मिले और फिर उनका लड़का स्वयं ही घर चला आया। उसके बाद मुकेश सिंह के घरवालों ने मुकेश सिंह के मोबाइल नम्बर पर फोन किया किन्तु सम्पर्क नहीं हो सका। उसके बाद मुकेश सिंह के घरवालों ने उनकी तलाश करना शुरू कर दिया।
जब मुकेश सिंह नहीं मिले तो उसके भाई सुबोध सिंह ने थाना मोहनलालगंज पर गुमशुदगी दर्ज करा दी। वे पुलिस के साथ अपने भाई की तलाश करते रहे। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे मुकेश सिंह का शव हरिकंशगढ़ी के आगे निर्माणाधीन आउटर रिंग रोड के किनारे मिला था। पकड़े गए आरोपी सट्टेबाज हैं।
रुपयों के लेन-देन को लेकर की हत्या
सर्विलांस सेल व क्राइम ब्रांच के भी सहयोग से हीरा सिंह पुत्र अजीत सिंह निवासी कढ़नी फार्म हाउस ग्राम गोपालखेड़ा थाना मोहनलालगंज जनपद लखनऊ, हाल पता निकट बीसीसी हाइट्स मोहनलालगंज लखनऊ व अंकुर पाल पुत्र राजेश पाल निवासी ग्राम गोपालखेड़ा थाना मोहनलालगंज जनपद लखनऊ को गोपालखेड़ा रेलवे क्रासिंग के पास से पकडा गया। हीरा सिंह ने पूछताछ पर मुकेश सिंह की हत्या रूपयों के लेन-देन की वजह से अपने साथी अंकुर पाल के साथ किए जाने की बात स्वीकार की है।
अभियुक्त हीरा सिंह के मुताबिक उसको करीब चार लाख रूपये मुकेश सिंह को देना था। रूपये न देना पड़े इसलिये अभियुक्त हीरा सिंह ने मुकेश सिंह की हत्या की योजना बनाई और अपने साथी अंकुर पाल के साथ दूसरे की कार मांगकर उसमें मुकेश सिंह का अपहरण कर उसकी हत्या कर शव को हरिकशगढ़ी के आगे निर्माणाधीन आउटर रिंग रोड के किनारे फेंक दिया था। अभियुक्तगण सभी साक्ष्यों को मिटाते व छिपाते हुए छिपते-छिपाते रहे।