अलीगंज में दिन दहाड़े तिरूपति ज्वैलर्स में हुई लूट ने पुलिस की गश्त व उसके जवानों के हिम्मत की भी पोल खोल दी। वारदात के दौरान बदमाशों ने दुकान के अंदर फायरिंग किया। आसपास के लोगों के मुताबिक चंद कदम दूर पास के चौराहे पर बाइक सवार पुलिस गश्त पर थी। फायरिंग की आवाज सुनकर दोनों पुलिसकर्मी वहां से खिसक गये। वहीं कुछ दूरी पर हर वक्त तैनात रहने वाली पीआरवी भी नदारद थी। जबकि बदमाश फिल्मी अंदाज में वारदात को अंजाम देने के बाद असलहे लहराते हुए बाहर निकलकर पास की गली में घुस गये।
तिरूपति ज्वैसर्ल से बुधवार को बदमाशों ने करीब 40 लाख रुपये की लूट की वारदात को अंजाम दिया। वारदात के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाके में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोपहर में वारदात के समय बाइक से दो पुलिसकर्मी गश्त दे रहे थे। वह वारदात स्थल से कुछ दूरी पर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की तरफ से कपूरथला की तरफ जा रहे थे। दोनों बाइक से तिरूपति ज्वैलर्स के सामने भी निकले। उनके दुकान से कुछ दूर आगे जाने के बाद ही फायरिंग हुई। लेकिन पुलिसकर्मी उनको पकड़ने का प्रयास तो दूर वहां रूके भी नहीं। वहां चुपचाप निकल गये।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश जेवर से भरा पीले रंग का बैग और हथियार हाथ मे लेकर आराम से टहलते हुए पैदल ही सामने वाली गली से निकल गये। इसी गली में उनकी बाइक भी खड़ी होने की पुष्टि हुई। स्थानीय लोगों के मुताबिक सभी बदमाशों का चेहरा खुला हुआ था। पुलिस के मुताबिक वारदात किसी स्थानीय गिरोह की मदद से गैर जनपद के गिरोह ने वारदात को अंजाम देने की आशंका है। कपूरथला चौराहे के पास वर्मा बिस्कुट के सामने हर वक्त पीआरवी तैनात रहती है। लेकिन बुधवार को जब वारदात हुई उस समय पीआरवी अपने स्थान पर नहीं थी।
दो थाने, दो बड़ी वारदात, एक ही निरीक्षक
अलीगंज में तैनात धर्मेंद्र सिंह यादव मूलरूप से सहारनपुर के रहने वाले हैं। राजधानी में उनकी तैनाती अलीगंज से पहले अमीनाबाद थाने में थी। उनके साथ दुखद संयोग यह रहा कि दोनों तैनाती के दौरान दो बड़ी वारदात हुई। वह भी दोनों सर्राफा कारोबारी से। अमीनाबाद में धर्मेद्र यादव की तैनाती के दौरान इसी साल 26 फरवरी को नामी सर्राफा कारोबारी जुगुल किशोर के दुकान पर डकैती पड़ी। बदमाशों ने 23 घंटे तक अमीनाबाद थाने से चंद कदमों की दूरी पर स्थित दुकान में वारदात को अंजाम देते रहे। ज्वेलर्स ने एक करोड़ की डकैती का मुकदमा दर्ज कराया। जब एक मार्च को इसका खुलासा हुआ तो सात करोड़ रुपये के जेवरात व नकदी बरामद हुए। पहले तो पुलिस को भरोसा ही नहीं हुआ था। इतनी बड़ी वारदात हो गई। इसके बाद कुछ दिन बाद धर्मेंद्र यादव को क्राइम ब्रांच भेज दिया गया। हाल ही एक साथ कई इंस्पेक्टरों के गैर जनपद तबादले होने के बाद क्राइम ब्रांच से अलीगंज थाने की जिम्मेदारी मिली। अभी एक महीना भी नहीं पूरा हुआ कि तिरूपति ज्वैलर्स में दिन 40 लाख के जेवरात की दहाड़े लूट हो गई।