राजधानी में बेखौफ अपराधियों के आगे पुलिस लाचार है। भारी भीड़-भाड़ वाले इलाके डालीगंज में शुक्रवार को दिन-दहाड़े 12.30 बजे मोटरसाइकिल पर आए दो बदमाशों ने एचडीएफसी के एटीएम बूथ पर गोलियां बरसाकर निजी कंपनी के तीन कर्मचारियों को मौत के घाट उतार दिया और 50.50 लाख कैश से भरा बक्सा लेकर फरार हो गए।
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हाईटेक कंट्रोल रूम और मॉडर्न पीसीआर से लैस राजधानी पुलिस टापती रह गई। शायद सीएम को भी राजधानी पुलिस पर भरोसा नहीं रहा, इसीलिए उन्होंने वारदात के खुलासे के लिए सीधे सूबे के डीजीपी को हिदायत दी। खुलासे के लिए एसटीएफ के अलावा क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और पुलिस की 18 टीमें लगाई गई हैं।
महानगर स्थित साइंटिफिक साइंस सिक्योरिटी मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की कैश वैन डालीगंज बाबूगंज में एचडीएफसी बैंक के एटीएम बूथ पर रुपये भरने आई थी।
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फैजुल्लागंज में श्याम बिहारी कॉलोनी निवासी अनिल सिंह (40) और उदय (28) रुपयों से भरा बक्सा लेकर बूथ के भीतर चले गए और शटर गिरा दिया।
ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर कर दी हत्या
गनमैन सीतापुर के किशनपुर निवासी अरुण कुमार सिंह (55), सीतापुर के इमलिहा निवासी अवनीश शुक्ला (35) और कैश वैन का ड्राइवर शैलेंद्र तिवारी बाहर ही खड़े हो गए। एटीएम का गार्ड मोहिबुल्लापुर निवासी आलोकचंद्र मिश्रा भी उनके साथ बाहर खड़ा हो गया।
इसी दौरान काले रंग की बाइक से दो बदमाश वहां आए। उन्होंने पिस्टलें निकाल लीं और ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर दोनों गनमैन की हत्या कर दी। शैलेंद्र तिवारी और आलोकचंद्र मिश्रा जान बचाने के लिए मौके से भाग गए।
इसके बाद बदमाश एटीएम बूथ का शटर उठाकर भीतर घुसे और अनिल को निशाना बनाते हुए तीन गोलियां मारीं। मौके पर ही उसकी भी मौत हो गई। उदय का कहना है कि वह बेहोश होकर गिर पड़ा जबकि बदमाश रुपयों से भरा बक्सा लेकर बाइक से आईटी कॉलेज चौराहा की तरफ भाग निकले।
पुलिस वीक के दौरान वारदात, अफसरों के होश उड़े
पुलिस वीक के दौरान शहर के व्यस्त इलाके में गोलियां तड़तड़ाने, तीन हत्याएं और कैश बॉक्स लूट की सनसनीखेज वारदात से अफसरों के होश उड़ गए। आईजी जकी अहमद, डीआईजी आरके चतुर्वेदी, एसएसपी यशस्वी यादव, एएसपी ट्रांस गोमती दिनेश यादव, एएसपी पश्चिम अजय कुमार मिश्रा, एएसपी क्राइम दिनेश कुमार सिंह सहित पूरे शहर के सीओ और थानेदार मौके पर पहुंच गए।
एटीएम बूथ के भीतर पुलिस को 500 रुपये और 100 रुपये के दो बंडल के रूप में छह लाख रुपये पड़े मिले। पुलिस का कहना है कि बदमाश रुपयों से भरा बक्सा ले गए जबकि जमीन पर गिरी गड्डियों पर ध्यान नहीं दिया।
आईटी चौराहा नहीं क्रॉस किया! बदमाशों के आईटी चौराहा से पहले ही बाएं हाथ मुड़कर रामकृष्ण मठ होते हुए विवेकानंद पॉली क्लीनिक की तरफ भागने की आशंका जताई जा रही है। उदय और शैलेंद्र से पूछताछ की जा रही है। शैलेंद्र ने बताया कि बाइक चला रहा बदमाश मुंह पर कपड़ा बांधे था जबकि पीछे बैठा बदमाश हेलमेट पहने था।
दोनों ने सफेद शर्ट पहन रखी थी और दोनों के पास पिस्टलें थीं। पुलिस का कहना है कि बदमाशों ने आईटी चौराहा नहीं क्रॉस किया। इससे साफ है कि उन्होंने पहले से तय कर रखा था कि कहां से होते हुए भागना है। पुलिस का कहना है कि बदमाशों ने वारदात से पहले रेकी की थी।
1.10 करोड़ लेकर निकली थी कैश वैन
साइंटिफिक साइंस सिक्योरिटी मैनेजमेंट कंपनी की कैश वैन 1.10 करोड़ रुपये लेकर निकली थी। इसमें 21 लाख रुपये इंडियन ओवरसीज बैंक के थे, जो वैन में ही रखे थे। एचडीएफसी बैंक के 89 लाख रुपये थे। वैन हजरतगंज स्थित एचडीएफसी बैंक के तीन एटीएम बूथ में 14 लाख, 10 लाख व 8.50 लाख रुपये भरने के बाद बाबूगंज पहुंची थी।
यहां छह लाख रुपये एटीएम मशीन में डाले जाने थे लेकिन इससे पहले ही बदमाशों ने वारदात कर डाली। पुलिस अफसरों का कहना है कि छह लाख रुपये की जो दो गड्डियां एटीएम बूथ के भीतर मिली थीं, उसे मशीन में लोड करने के लिए बक्से से निकाला गया था। हालांकि, इससे पहले ही बदमाश शटर उठाकर भीतर घुस आए और ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर रुपयों से भरा बक्सा ले गए।
सीसीटीवी फुटेज में सुराग मिलने का दावा पुलिस ने घटनास्थल के ठीक सामने स्थित नन्हे स्वीट हाउस में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज निकलवाई। हालांकि इसमें एटीएम बूथ वाला हिस्सा नहीं दिख रहा है।
पुलिस ने घटनास्थल के पास स्थित मंदिर के आगे तक दुकानों-मकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के साथ ही आईटी चौराहा और विवेकानंद पॉली क्लीनिक के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी निकलवाई है। एसएसपी यशस्वी यादव का दावा है कि फुटेज में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं जिनसे लुटेरों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
सूचना व पकड़ने वाली पुलिस टीम को 50-50 हजार का इनाम
इस पर पुलिस महानिदेशक एके जैन ने कहा कि पुलिस के लिए यह घटना एक चुनौती है जिसे स्वीकार करते हुए पूरी सख्ती से कार्रवाई कराई जा रही है। मैंने बदमाशों की सूचना देने वाले और वारदात का खुलासा करने वाली पुलिस टीम के लिए 50-50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा कर दी है।
खुलासे के लिए एसटीएफ को भी लगा दिया है। जिले और बाहर के शूट एंड लूट की वारदातें करने वाले कुछ अपराधियों पर हमारी नजर है। कई लोगों को पकड़कर पूछताछ की जा रही है। बदमाश कहां से आए और किस तरफ गए, यह भी देखा जा रहा है।
लापरवाह पुलिस वालों पर कार्रवाई के निर्देश, मृतकों के परिवारीजनों को 5-5 लाख की सहायता मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हत्या और लूट की सनसनीखेज वारदात पर कड़ी नाराजगी जताते हुए डीजीपी एके जैन को 15 दिन में खुलासा कर रकम बरामद करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने डीजीपी को खुद कार्रवाई की मॉनिटरिंग करने और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए कहा है। मृतकों के आश्रितों को मुख्यमंत्री ने पांच-पांच लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।