जालसाजों ने भारतीय खाद्य निगम में नौकरी दिलाने के नाम पर नब्बे बेरोजगारों से सवा तीन करोड़ रुपए डकार लिए। इंटरव्यू दिलाने के नाम पर मुंबई, यूपी के शाहजहांपुर व पलिया घूमाते रहे।
फिर, कूटरचित नियुक्ति व परिचय पत्र थमा दिया। फर्जी कागजात के भंडाफोड़ पर बेरोजगारों ने गुडंबा पुलिस से शिकायत की।
पुलिस के कार्रवाई न करने पर ठगी के शिकार बेरोजगारों ने बृहस्पतिवार को एसएसपी से मिलकर कार्रवाई की मांग की। एसएसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
जानकीपुरम के सेक्टर-एच निवासी सतीश कुमार मौर्य स्नातक पास आउट हैं। सतीश नौकरी के लिए सालों से भटक रहे हैं।
सतीश का कहना है कि एक दिन उनकी मुलाकात अपने दूर के रिश्तेदार व गुडंबा निवासी शिव विशाल मौर्य, उनके भाई विकास मौर्य एवं गोंडा में तैनात रेलकर्मी कृष्णा प्रसाद कुशवाहा से हुई।
इन लोगों ने सब्जबाग दिखाकर अपने जाल में फंसाया। फिर, भारतीय खाद्य निगम के शाहजहांपुर में नौकरी दिलाने केनाम पर साढ़े तीन लाख रुपए मांगे जिस पर सतीश ने अपने भाई शिल्पेंद्र कुमार व रिश्तेदार शैलेंद्र मौर्या साढ़े तीन-तीन लाख रुपए दे दिए।
जानकारी करने पर पता चला कि, नौकरी के लिए 87 और लोगों ने साढ़े तीन-तीन लाख रुपए ले रखे हैं। थोड़े दिन जालसाज बेरोजगारों को लेकर शाहजहांपुर ले गए और एक होटल में टहराया।
शाम छह बजे के बाद भारतीय खाद्य निगम शाहजहांपुर कार्यालय में एक अफसर के सामने इंटरव्यू कराया। फिर तीन बार पलिया ले गए। उसके बाद जालसाजों ने नियुक्त पत्र व परिचय पत्र सौंप कर चयनित अभ्यर्थियों की सूची दे दी।
मगर, जानकारी करने पर पता चला कि कागजात फर्जी हैं। विरोध करने पर जालसाजों ने ओएनजीसी (ऑयल एंड नेचुरल गैस कार्पोरेशन) में नौकरी दिलाने का वादा किया और 25 लोगों को मुंबई ले गया।
जालसाज ने कुछ फर्जी कागजात तैयार कराए और मेडिकल परीक्षण कराकर कांट्रेक्ट बेस पर नौकरी दिला दी। नौकरी छोड़कर बेरोजगार लौट आए और तीनों से पैसे मांगे जिस पर जालसाजों ने जान से मारने की धमकी दी।
बताया जा रहा है कि आरोपी शिव विशाल व उसका भाई विकास मौर्य कपूरथला में इंश्योरेंस करने का दफ्तर चलाते थे।
बेरोजगारों ने गुडंबा पुलिस से लिखित शिकायत की। मगर, पुलिस ने कार्रवाई नहीं की जिस पर बेरोजगारों ने बृहस्पतिवार को एसएसपी आवास पहुंचकर एसएसपी जे रवींदर गौड से शिकायत की। एसएसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।