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फैजाबाद में 43.80 लाख के एमएसटी घोटाले में पांच गिरफ्तार, कंपनी से होगी घपले की वसूली

Tue, 17 Apr 2018 08:45 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ/फैजाबाद
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सिविल लाइंस चौकी में ऑडिट टीम से जानकारी लेती पुलिस। - फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के फैजाबाद डिपो में 43 लाख 80 हजार 155 रुपये के एमएसटी घोटाले के मामले में पुलिस ने सोमवार को ट्राइमेक्स कंपनी प्रभारी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी सुभाष सिंह बघेल ने बताया कि सभी आरोपी ट्राइमेक्स कंपनी से जुड़े हैं। इनसे रकम की बरामदगी भी की जाएगी। गौरतलब है कि ‘अमर उजाला’ दो दिनों से इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित कर रहा था।

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मामले का संज्ञान लेकर सोमवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक समेत स्थानीय अधिकारियों ने सख्त कदम उठाया। फैजाबाद के क्षेत्रीय प्रबंधक एसके शर्मा ने बताया कि मार्च क्लोजिंग के दौरान तीन माह का हिसाब न देने पर पहले जनवरी, फरवरी व मार्च माह की एमएसटी मद में जमा कुल राशि की जांच कराई गई।

एआरएम अविनाश चंद्र ने जांच में पाया कि 6 लाख 61 हजार 682 रुपये नहीं जमा किए गए। उसी दिन नगर कोतवाली पुलिस को केंद्र प्रभारी विनोद कुमार श्रीवास्तव ने तहरीर देकर मुख्यालय को मामले से अवगत कराया गया। प्रबंध निदेशक पी गुरु प्रसाद ने ऑनलाइन एमएसटी बनाने का ठेका लेने वाली ट्राइमेक्स कंपनी को 2012 से दिए गए काम की पूरी रिपोर्ट तलब की।
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पता चला कि मार्च 2016 से मार्च 2018 तक ट्राइमेक्स ने एमएसटी मद में 43 लाख 80 हजार 155 रुपये नहीं जमा किए। रकम का गोलमाल यहां एमएसटी का काम देखने वाली निजी कंपनी के प्रभारी शिवांग गुप्ता, करुणाकर पांडेय समेत पांच लोगों ने किया है। इस पर पुलिस ने शिवांग गुप्ता, करुणाकर पांडेय व रेहान अहमद समेत दो अन्य को रोडवेज परिसर से गिरफ्तार कर लिया। उधर, ट्राइमेक्स कंपनी के टीम प्रोजेक्ट मैनेजर अनूप ने जांच शुरू कर दी है।

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मेरठ में भी पकड़ा गया था 1.10 करोड़ का गड़बड़झाला

फैजाबाद की सिविल लाइंस चौकी में गिरफ्तार कर लाए गए आरोपी। - फोटो : amar ujala
मेरठ परिक्षेत्र के तत्कालीन प्रबंध निदेशक मनोज पुंडीर ने बताया कि आईटी कंपनी के इंचार्ज ने एमएसटी बनाने की आड़ में फर्जी तरीके से यात्रियों को दी जाने वाली रसीद छपवा ली।

इंचार्ज 1300 रुपये की एमएसटी बनाने पर परिवहन निगम के खाते में 400 रुपये जमा कर बाकी रकम अपनी जेब में रखता था। यहां दिसंबर 2016 तक 1.10 करोड़ की हेराफेरी की गई। मामला खुलने पर अफसरों को बचाने के लिए वहां कार्रवाई को दबाया गया।

कंपनी से होगी घपले की रकम की वसूली : एमडी
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक पी गुरु प्रसाद ने कहा कि पूरे प्रदेश में एमएसटी बनाने का ठेका 2012 से ही निजी कंपनी ट्राइमेक्स को दिया गया था। अब घोटाला सामने आने पर सभी डिपो प्रभारियों से रिपोर्ट तलब की गई है। कंपनी की 25 फीसदी रकम परिवहन निगम में रोक कर रखी गई है। कंपनी से गोलमाल की रकम की वसूली भी की जाएगी।
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