फैजाबाद की सिविल लाइंस चौकी में गिरफ्तार कर लाए गए आरोपी।
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मेरठ परिक्षेत्र के तत्कालीन प्रबंध निदेशक मनोज पुंडीर ने बताया कि आईटी कंपनी के इंचार्ज ने एमएसटी बनाने की आड़ में फर्जी तरीके से यात्रियों को दी जाने वाली रसीद छपवा ली।
इंचार्ज 1300 रुपये की एमएसटी बनाने पर परिवहन निगम के खाते में 400 रुपये जमा कर बाकी रकम अपनी जेब में रखता था। यहां दिसंबर 2016 तक 1.10 करोड़ की हेराफेरी की गई। मामला खुलने पर अफसरों को बचाने के लिए वहां कार्रवाई को दबाया गया।
कंपनी से होगी घपले की रकम की वसूली : एमडी
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक पी गुरु प्रसाद ने कहा कि पूरे प्रदेश में एमएसटी बनाने का ठेका 2012 से ही निजी कंपनी ट्राइमेक्स को दिया गया था। अब घोटाला सामने आने पर सभी डिपो प्रभारियों से रिपोर्ट तलब की गई है। कंपनी की 25 फीसदी रकम परिवहन निगम में रोक कर रखी गई है। कंपनी से गोलमाल की रकम की वसूली भी की जाएगी।