निगोहां में एक महिला ने शनिवार सुबह मां-बाप की मदद से बुजुर्ग ससुर को बेरहमी से पीटने के बाद ईंट से कूंचकर मार डाला। झगड़ा महज आधी लौकी को लेकर हुआ था। संपत्ति बंटवारे को लेकर तनातनी के चलते अलग चूल्हा जला रही बहू ने आधी लौकी मांगी थी। पुलिस ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया है।
गांव बृह्मदासपुर के शिवप्रसाद रावत (65) सुबह लौकी खरीदकर घर लौटा। अलग रह रही बहू निर्मला ने आधी लौकी मांगी। शिवप्रसाद ने पत्नी रामरानी को लौकी थमाते हुए आधी बहू को देने को कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। इस पर सास-बहू में झगड़ा होने लगा।
बेटी निर्मला से मिलने आई मां प्रेमावती व पिता श्यामलाल भी झगड़े में शामिल हो गए। जबकि, रामरानी की तरफ से शिवप्रसाद व उसकी छोटी बहू ममता झगड़ने लगे। ममता ने प्रेमावती को धक्का देकर गिरा दिया और शिवप्रसाद ने समधी श्यामलाल को पीटना शुरू कर दिया।
मां-बाप को पिटते देख निर्मला ने ईंट उठाई और ससुर के सिर पर ताबड़तोड़ वार करने लगी। शिवप्रसाद खून से लथपथ होकर गिर पड़े। इस बीच घर पहुंचा छोटा बेटा महेश पिता को एक निजी अस्पताल ले गया। डॉक्टरों ने शिवप्रसाद को मृत घोषित कर दिया।
इस पर महेश ने भाभी निर्मला, रायबरेली के बछरावां थाने के गुजरपुर निवासी उसके पिता श्यामलाल व मां प्रेमावती के खिलाफ गैरइरातन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेने के साथ शिवप्रसाद का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
ससुर की हत्या के आरोप में पकड़ी गई निर्मला ने पूछताछ में बताया कि ढाई साल पहले पति उमेश की मौत हो गई थी। इसके बाद से तीन बच्चों दीपक, करन व चाहत के साथ घर के एक हिस्से में अलग रहकर गुजारा कर रही थी। टैंपो चालक देवर महेश आए दिन परेशान करता था।
सारी संपत्ति हड़पने के इरादे से निर्मला को घर से निकालने की फिराक में था। इसी के चलते नागपंचमी के मौके पर निर्मला के हिस्से के घर की बिजली काट दी थी। कहासुनी के बाद निर्मला बच्चों के साथ मायके चली गई। शिवप्रसाद के विवाद सुलझाने का आश्वासन देते हुए मां-बाप के साथ लौटी थी।