पुलिस के मुताबिक, गिरोह रोज रात को चारबाग स्टेशन पहुंच जाता था। मंजू ऑटो में रहती थी जबकि अवधेश व यूनुस सवारियां तलाशते थे। गिरोह युवकों व पुरुषों सवारियों को निशाना बनाता था। चारबाग से पीजीआई, मोहनलालगंज इलाके में जाने वाली एक या दो सवारियों को ऑटो में बैठाते थे। सुनसान स्थान पर पहुंचते ही मंजू छेड़छाड़ का आरोप लगाकर शोर मचाना शुरू कर देती थी। इस पर ऑटो रोककर दोनों साथी उसकी पिटाई करने लगते थे। छेड़छाड़ व दुष्कर्म के आरोप में जेल भेजने की धमकी देकर लूटपाट करते थे।
थाने गए थे दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने
पीजीआई पुलिस के मुताबिक, कुछ दिन पहले थाने पहुंचे अवधेश ने एक युवक पर पत्नी के साथ दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। मंजू ने उक्त युवक का मोबाइल नंबर भी दिया। आरोप था कि युवक उसे लेकर होटल में गया और दुष्कर्म किया। पुलिस ने होटल की पड़ताल की और सीसीटीवी खंगाले तो आरोप गलत मिला। पुलिस ने युवक से तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने को कहा, लेकिन उसने मना कर दिया।