एसओ डीपी शुक्ला बताते हैं कि डॉक्टर ने करीब दस साल पहले आरोपी के पिता से करीब चार बीघा जमीन का बैनामा कराया था। उसी जमीन पर डॉक्टर ने क्लीनिक बना रखी है। बताया कि डॉक्टर ने बिल्डिंग सड़क से कुछ दूर हटकर बनाई थी। इसके बाद वह कह रहा था कि जमीन कम है, इसलिए दो लाख रुपये नहीं दे रहा था, जबकि आरोपी और उसके पिता की ओर से कहा जा रहा था कि सड़क से जमीन छोड़कर माप रहे हैं, इसलिए जमीन पूरी नहीं हो पा रही है। डॉक्टर दोबारा पैमाइश कराने के बाद जमीन पूरी होने पर ही पैसा देने की बात कह रहे थे। इसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। उसी में घटना अंजाम दी गई है।
मौके पर पहुंचे एसपी ने कार्रवाई के दिए आदेश
दिनदहाड़े हत्या की हुई वारदात की सूचना पाकर एसपी आरपी सिंह, एएसपी नॉर्थ डॉ. राजीव दीक्षित, सीओ सदर अभिषेक प्रताप अजेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। कप्तान ने पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद एसओ को मामले में आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
दिनदहाड़े हत्या से दहला मुद्रासन, दहशत में लोग
क्लीनिक में डॉक्टर की दिनदहाड़े की गई हत्या की वारदात से मुद्रासन दहल गया है। घटना को देख मौके पर चीख-पुकार मच गई। मरीज डर के मारे जान बचाकर मौके से भाग खड़े हुए। कुछ ने दवा ली थी तो कुछ अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन घटना के बाद वह भाग गए। अफरा-तफरी का माहौल घंटों तक मौके पर रहा है। दिनदहाड़े हत्या की वारदात को जिसने भी सुना, उसके रौंगटे खड़े हो गए। वह दहशत में आ गया। वारदात के बाद आसपास के लोगों में दहशत व्याप्त हो गई है।
इसे महज संयोग ही कहा जा सकता है, जिस बेटी ने कड़ी मेहनत करके विद्यालय टॉप करके सबसे पहले पापा को जानकारी दी। वह सबको फोन पर बधाई दे रही थी लेकिन बेटी को नहीं मालूम था कि यह खुशी अधिक देर तक नहीं टिक सकेगी। सूचना देने के 10 मिनट बाद पापा का मर्डर हो गया। इसकी जानकारी मिलते ही बेटी के पैरों तले जमीन खिसक गई। कुछ ही देर की खुशियां मातम में बदल गई। मानो सारी मुसीबतों का पहाड़ बेटी पर ऐसा फूटा कि वह रिजल्ट की खुशी को भूलकर पापा के सदमे में बेहोश हो गई।
बात कर रहे हैं उस बेटी की जिसने ओएनजीसी कम्युनिटी स्कूल लहरपुर में 97.2 अंक हासिल करके विद्यालय में टॉप करके मान बढ़ाया। अनामिका वर्मा के पिता डॉ. मुनेंद्र वर्मा मुद्रासन में अपना क्लीनिक चलाते थे। मुनेंद्र वर्मा का मंगलवार को क्लीनिक पर ही मर्डर हो गया। अनामिका का कहना है रिजल्ट आने के बाद सबसे पहले पापा को ही फोन करके विद्यालय में टॉप करने की जानकारी दी थी। इस पर पापा ने खुशी जताते हुए बहुत शाबासी दी। बोले बेटी तुमने मेरा नाम रोशन कर दिया है। अनामिका अपने मित्रों व रिश्तेदारों को टॉप करने की सूचना दे रही थी। वह अपनी मेहनत का फल देखकर फूले नहीं समा रही थी, लेकिन अनामिका की यह खुशी शायद किसी को मंजूर नहीं हुई।
कुछ ही देर बाद अनामिका को पापा के मर्डर होने की सूचना मिली। इसकी जानकारी होते ही अनामिका की खुशी काफूर हो गई। सब उनको किसी तरह ढांढस बंधा रहे थे। लेकिन अनामिका के आंखों से आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहे थे। वहीं कॉलेज में भी घटना के बाद शिक्षक सदमे में आ गए। सब यही कह रहे थे अभी कुछ देर तक सब कुछ ठीक था, आखिर यह सब कैसे हो गया।