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खेल-खेल में नाले में गिरा मासूम, जानवरों ने नोच डाला शव

Fri, 14 Apr 2017 03:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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आनंद - फोटो : amar ujala
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लखनऊ के नाका के गुलजारनगर में बृहस्पतिवार सुबह दो साल के मासूम आनंद की नाले में गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। आनंद को गायब देख परिवारीजनों ने खोजबीन शुरू की लेकिन उसका पता नहीं चला।
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इसी बीच करीब 600 मीटर दूर राजकीय बालिका गृह के पास आवारा जानवरों के मासूम का शव नोंचने की सूचना से हड़कंप मच गया। परिवारीजनों ने मौके पर जाकर शव की शिनाख्त की। हादसे से मुहल्ले में शोक का माहौल है।

इंस्पेक्टर जयप्रकाश यादव ने बताया कि आनंद के पिता लक्ष्मन मूलरूप से संतकबीरनगर के खगरिया दुधारा गांव के हैं। परिवार में सबसे छोटे बेटे आनंद के अलावा पत्नी रीना व तीन बेटे अजय, भोला और राज हैं।
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लक्ष्मन अमीनाबाद की एक टिंबर की दुकान में काम करते हैं जबकि रीना घरों में चौका-बर्तन करती हैं। बृहस्पतिवार सुबह रीना काम पर गई थी। लक्ष्मन व बच्चे घर पर थे। इसी दौरान आनंद घर से बाहर निकलकर खेलने लगा। खेलते हुए वह हैदर कैनाल के पास पहुंच गया। पैर फिसलने से वह हैदर कैनाल में गिर पड़ा।
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बच्चे के गायब होते ही मच गया हड़कंप

उस वक्त आसपास कोई मौजूद नहीं था इसलिए आनंद को नाले में गिरते हुए नहीं देख सका। काफी देर तक आनंद नजर नहीं आया तो लक्ष्मन व उसके बेटों ने खोजबीन शुरू की। दो साल के बच्चे के गायब होने की खबर से मुहल्ले में हड़कंप मच गया।

लोग एकत्र हो गए और पुलिस को सूचना दी। करीब दो घंटे बाद घटनास्थल से 600 मीटर दूर मोतीनगर में राजकीय बालिका गृह के पास लोगों ने आवारा जानवरों को मासूम का शव नोंचते हुए देखकर पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने तत्काल लक्ष्मन को बताया जिसके बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर कपड़ों से उसकी शिनाख्त की। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

हाथ और आंखें नोंचकर खा गए आवारा जानवर
हैदर कैनाल की गंदगी में रहने वाले आवारा जानवरों ने शव की दुर्दशा कर दी थी। शव के दोनों हाथ और आंखों के अलावा शरीर का काफी हिस्सा जानवर नोंचकर खा चुके थे। लक्ष्मन ने कपड़ों से शव की पहचान की। बुरी तरह से क्षत-विक्षत शव देखकर परिवारीजनों के होश उड़ गए। मां रीना तो बेहोश होकर गिर पड़ीं। आसपास के लोगों ने उन्हें संभाला।
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आनंद को खूब पढ़ाना चाहता था लक्ष्मन

आनंद परिवार में सबसे छोटा होने के साथ सबका लाडला भी था। पिता मामूली नौकरी करने के बावजूद उसे खूब पढ़ाना चाहते थे। आनंद की मौत के बाद उसकी मां रीना व भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल था।

नाले में कैसे गिरा मासूम
आनंद किन बच्चों के साथ घर के पास खेल रहा था और कैसे गिरा? पुलिस इसका पता लगा रही है। पुलिस का मानना है कि वह कहीं खेलते समय किसी बच्चे की गलती से तो नहीं गिरा।

चंदा जुटाकर किया अंतिम संस्कार
बेटे के शव के पास परिवारीजनों को बिलखता देख लोग सकते में थे। माता-पिता के पास शव का क्रियाकर्म करने के पैसे नहीं थे। लोगों ने चंदा इकट्ठा कर अंतिम संस्कार के लिए पैसे दिए। वहीं पुलिस ने भैंसाकुंड तक जाने के लिए ई-रिक्शा का किराया दिया।
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