उत्तर प्रदेश की जेलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 54 कैदी समय से पहले रिहा किए जाएंगे। इस संबंध में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की मंजूरी के बाद शासन ने पहले चरण में इन कैदियों की रिहाई के आदेश दिए हैं। रिहा होने वालों में नारी बंदी निकेतन की एक महिला कैदी भी शामिल है।
डीजी जेल के पीआरओ संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि एक-दो दिन में इन कैदियों की रिहाई आदेश जेलों में पहुंच जाएंगे। इसके बाद इन्हें रिहा कर दिया जाएगा। इनके अलावा करीब चार सौ कैदियों की रिहाई होनी है।
डीजी जेल आनंद कुमार के मुताबिक कारागार मुख्यालय ने प्रदेश की जेलों के करीब 500 पात्र कैदियों की रिहाई का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन से अनुमति मिलने के बाद और कैदियों को छोड़ा जाना है।
इलाज करा रही महिला कैदी रिहा होने से पूर्व जेल में होगी दाखिल
गोसाईंगंज के मोहारी खुर्द स्थित नारी बंदी निकेतन में सजा काट रही पिंगला रानी कैंसर की मरीज है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इस कैदी को इलाज के लिए चार दिसंबर को चार माह की जमानत मिली थी। जमानत अवधि पूरी होने पर वह जेल में दाखिल होगी। इसके बाद राज्यपाल के निर्देशानुसार उसे जेल से रिहा किया जाएगा।