बच्चों को दुलराते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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प्रदेश में बुधवार से 12 से 14 साल के बच्चों को कोरोना से सुरक्षित करने के लिए टीका लगाया जाना शुरू हुआ। अभियान की शुरूआत सिविल अस्पताल से हुई। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुबह अस्पताल पहुंचकर वैक्सीनेशन सेंटर का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने टीकाकरण अभियान का शुभारंभ करने के बाद बच्चों से बातचीत भी की। उन्हें उपहार दिए। उन्होंने कहा कि यह वैक्सीन बच्चों को सुरक्षा कवच का काम करेगी। सीएम ने टीका लगवा चुकी सातवीं की छात्रा आस्था व अनन्या सचान से जब उनका अनुभव पूछा, तो दोनों कहना था कि- वैक्सीन लगवाने में कोई भी डर नहीं लगा। कोरोना वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है इसका कोई भी दुष्प्रभाव नहीं है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वैक्सीन ही बच्चों को कोरोना से सुरक्षित करेगी। यह बच्चों का सुरक्षा कवच है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 84 लाख 64 हजार बच्चों को टीका लगना है। बुधवार को प्रदेश के 300 केन्द्रों पर 12 से 14 साल के बच्चों का टीकाकरण शुरू हुआ। यह कार्यक्रम आगे भी चलता रहेगा जब तक लक्ष्य पूरा न हो जाए। सीएम ने कहा कि 15 से 18 साल के एक करोड़ 29 लाख 22 हजार बच्चों को वैक्सीन लग चुकी है। 92 फीसदी बच्चों को टीका की पहली डोज लग चुकी है। 65 लाख से अधिक को दूसरी डोज लग चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश कोरोना से निपटने में सफल हुआ है। कोरोना से वजह से बच्चों को टीका सम्भव हुआ है। बच्चों को को.वैक्सीन लगाई जा रही है। पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है। नि:शुल्क टीका लगवाया जा रहा है।
प्रदेश में 82 फीसदी को दोनों डोज
प्रदेश में अब तक 29 करोड़ 54 लाख वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। इस तरह103 फीसदी से अधिक वयस्क लोगों ने पहली खुराक प्राप्त कर ली है। जबकि 82 फीसदी लोगों को दोनों डोज ले ली है। प्रिकॉशन डोज के लिए पात्र फ्ंट लाइन वर्कर, पुलिसकर्मी, गंभीर रोग से ग्रस्त लोगों में से 97 फीसदी लोगों को टीका लग चुका है। जबकि 15 से17 आयु वर्ग में एक करोड़ 29 लाख 22 हजार से अधिक यानी 92 फीसदी किशोरों ने टीके की पहली खुराक ले ली है। इसी तरह 65 लाख 50 हजार यानी 47 फीसदी किशोर टीके की डबल डोज के सुरक्षा कवर में हैं।