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सीडीआरआई के 71वें वार्षिक समारोह में बताई टीके की कहानी, कोवॉक्सिन की सफलता के हीरो थे 20 बंदर

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कोविड संक्रमण से देशवासियों को बचाने में जिस कोवॉक्सिन इंजेक्शन की पूरे विश्व में सराहना हो रही है, उसके निर्माण के असल नायकों की कहानी बृहस्पतिवार को आईसीएमआर के महानिदेशक प्रो. बलराम भार्गव ने साझा की।
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ये हीरो थे 20 बंदर थे, जिन पर सफल प्रयोग के बाद ही मानव जाति पर कोवैक्सीन टीकाकरण के प्रयोग को हरी झंडी दी गई। प्रो. भार्गव ने सीडीआरआई के 71वें वार्षिक समारोह में कोवॉक्सिन के निर्माण का जिक्र करते हुए यह बात बताई।
बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने सीडीआरआई के 71वें वार्षिक समारोह में 47वां सर एडवर्ड मेलबनी मेमोरियल व्याख्यान दिया। इसमें कहा कि महामारी से निपटने के लिए भारत सरकार के लॉकडाउन से लेकर कोवैक्सीन निर्माण ने यह साबित कर दिया कि देश आवश्यकता पड़ने पर त्वरित टीकों का निर्माण कर सकता है।
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इस दौरान सीएसआईआर महानिदेशक व सचिव डीएसआईआर डॉ. शेखर सी मांडे ने बताया कि हेल्थकेयर व फार्मास्युटिकल उद्योग में संस्थान के सभी लोगों की प्रतिबद्धता व योगदान से ही सफलता हासिल हुई है। इस दौरान सीडीआरआई 2022 पुरस्कार की घोषणा हुई।
ये पुरस्कार इस वर्ष सितंबर में स्थापना दिवस पर प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकी, पेटेंट और प्रकाशन कि लिए वार्षिक पुरस्कार 2021 प्रदान किए गए। इस अवसर पर वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन भी किया गया।
रैपिड फ्रैक्चर हीलिंग दवा की तकनीक हस्तांतरित
सीडीआरआई के निदेशक डॉ. डी श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि कार्यक्रम में संस्थान ने ट्रोइका फार्मास्युटिकल प्राइवेट लिमिटेड अहमदाबाद को रैपिड फ्रैक्चर हीलिंग के लिए दवा की तकनीक हस्तांतरित की गई। उन्होंने बताया कि फ्रैक्चर के उपचार के लिए ओरल दवा उपलब्ध नहीं है, इस दवा पर अध्ययन किए जा चुके हैं। इसके प्रथम चरण के क्लीनिकल ट्रायल की अनुमति मिल चुकी है। जल्द ही यह दवा आम लोगों के लिए उपलब्ध होगी।
इन्हें मिला पुरस्कार
रसायन विज्ञान श्रेणी में औषधि अनुसंधान में उत्कृष्टता के लिए डॉ. अलकेश बिसाई प्रोफेसर रसायन विज्ञान विभाग आईआईएसईआर कोलकाता व डॉ. एस एस वी रामशास्त्री एसोसिएट प्रोफेसर आईआईएसईआर मोहाली को संयुक्त रूप से चुना गया। वहीं, जीव विज्ञान श्रेणी में डॉ. मदिका सुब्बा रेड्डी स्टाफ वैज्ञानिक वी, डीएनए फिंगरप्रिंटिंग और निदान केंद्र हैदराबाद के साथ डॉ. अमित अवस्थी एसोसिएट प्रोफेसर टीएचएसटीआई फरीदाबाद को सीडीआरआई पुरस्कार 2022 के लिए संयुक्त रूप से चुना गया है। इसके साथ चार अन्य पुरस्कारों के लिए तकनीक का चयन हुआ।
सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकी पुरस्कार 2021 : स्वदेशी क्यूआरटी परीक्षण किट के लिए फ्लोरोसेंट डाई और क्वेंचर्स की तकनीक व ए नॉवेल स्मॉल मॉलिक्यूल एंटीप्लेटलेट कंपाउंड के विकासकर्ताओं को संयुक्त रूप से दिया गया।
डॉ. मृदुला कम्बोज प्रौद्योगिकी पुरस्कार 2021 : कोविड 19 के संभावित उचार के रूप में उमीफेनोविर के विकास की प्रौद्योगिकी को चुना गया।
सर्वश्रेष्ठ पेटेंट पुुरस्कार 2021 : ऑस्ट्रेलिया में पेटेंट न्यूरो प्रोटेक्टिंग एजेंट की डिलीवरी के लिए उपयोगी फॉर्मूलेशन को चुना गया।
सर्वश्रेष्ठ प्रकाशन पुरस्कार 2021 : सात से अधिक इंपैक्ट फैक्टर वाले ग्यारह शोधपत्र वार्षिक प्रोत्साहन पुरस्कार के लिए चुना गया।
रिसर्च स्कॉलर्स हुए सम्मानित
विशिष्ट कॅरिअर उपलब्धि पुरस्कार 2022
डॉ. एम एम धर मेमोरियल डिस्टिंग्विश्ड करियर अचीवमेंट अवार्ड 2022 (रसायन विज्ञान)- अनुज कुमार
डॉ. एम एम धर मेमोरियल डिस्टिंग्विश्ड करियर अचीवमेंट अवार्ड 2022 (जैविक विज्ञान)- मुश्ताक नेंगरू
डॉ. जेएम खन्ना मेमोरियल डिस्टिंग्विश्ड करियर अचीवमेंट अवार्ड 2022 (प्री क्लिनिकल एंड क्लीनिकल सांइसेज)-सैयद अनीस अहमद
अर्ली कॅरिअर अचीवमेंट अवार्ड्स 2022
डॉ. जेएम खन्ना मेमोरियल अर्ली कैरियर अचीवमेंट अवार्ड 2022 (संयुक्त रूप से)- अशफाक अहमद व कृष्ण भान सिंह
महिला अनुसंधानकर्ताओं को डॉ स्वर्ण नित्य आनंद मेमोरियल अर्ली करियर अचीवमेंट अवार्ड 2022- देबलीना रॉय डॉ. डीएल श्रीवास्तव मेमोरियल अर्ली करियर अचीवमेंट अवार्ड 2022- मयूर दिलीपराव अंबुले
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