आउट सोर्सिंग से नियुक्तियों पर रोक के बावजूद जेम पोर्टल से भर्ती का आदेश जारी करने पर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सख्त नाराजगी जताई। अदालत ने आदेश वापस लेने के लिए शासन को हफ्ते भर की मोहलत दी है।
अदालत ने 20 नवंबर, 2019 को स्थगनादेश दिया था, लेकिन सरकार ने 18 दिसंबर, 2019 को जेम पोर्टल से भर्ती का आदेश जारी कर दिया। इसी मामले में हाईकोर्ट ने प्रदेश के अपर मुख्य सचिव नियुक्ति व कार्मिक मुकुल सिंघल को तलब किया था।
सिंघल बुधवार को पेशी के दौरान सफाई देने लगे तो कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई। कोर्ट ने सिंघल को 18 दिसंबर के आदेश को वापस लेने के लिए हफ्ते भर की मोहलत दी है। न्यायमूर्ति मुनीश्वर नाथ भंडारी और न्यायमूर्ति विकास कुंवर श्रीवास्तव की खंडपीठ ने सेवा प्रदाता मेसर्स आरएमएस टेक्नो सॉल्यूसंस प्राइवेट लि. की याचिका पर यह आदेश दिया।
याची ने बीते 25 अक्तूबर के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत सेवा प्रदाता के रूप में बिना कारण बताए उसका पंजीकरण रद्द कर दिया गया था। याची ने इस मामले में 7 जनवरी को शिकायत की थी। इस पर कोर्ट ने सिंघल को तलब किया था। मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी।