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अजीत सिंह हत्याकांड : धनंजय को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, गिरफ्तारी पर रोक की याचिका खारिज

Mon, 12 Apr 2021 09:26 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

कोर्ट ने धनंजय सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति एआर मसूदी और न्यायमूर्ति राजीव सिंह की खंडपीठ ने दो हफ्ते के भीतर धनंजय सिंह को सरेंडर करने का आदेश दिया।
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पूर्व सांसद धनन्जय सिंह - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अजीत सिंह हत्याकांड में साजिश रचने के आरोपी पूर्व सांसद धनंजय सिंह को राहत नहीं दी। सोमवार को कोर्ट ने उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति एआर मसूदी और न्यायमूर्ति राजीव सिंह की खंडपीठ ने दो हफ्ते के भीतर धनंजय सिंह को सरेंडर करने का आदेश दिया। हालांकि यह भी कहा, सरेंडर करने के बाद जमानत की अर्जी डाल सकते हैं।

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राज्य सरकार ने याचिका का विरोध करने के लिए अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही को अधिकृत किया था। सरकारी वकील का कहना था कि धनंजय सिंह को गिरधारी के बयान के आधार पर छह जनवरी रात में लखनऊ में हुए गैंगवार में अजीत सिंह की हत्या में शामिल होने का आरोपी बनाया गया था। साथ ही धनंजय पर एक घायल शूटर राजेश तोमर का लखनऊ व सुलतानपुर में इलाज कराने में मदद करने का भी आरोप है। इस मामले में वह फरार है और पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस धनंजय सिंह को भगोड़ा घोषित कराने की तैयारी में है।
 
उधर, इसी मामले में धनंजय सिंह के मददगार विपुल सिंह, प्रदीप सिंह कबूतरा, कुणाल कुमार व शूटर रवि यादव की भी तलाश की जा रही है। धनंजय सिंह पांच मार्च को पुराने मामले में जमानत कटवा कर प्रयागराज कोर्ट में हाजिर हो गया था।
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25 दिन बाद इसी मामले में धनंजय सिंह फिर जमानत पर बाहर आ गया। अब वह फिर पुलिस के  राडार पर है। इन आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की अनुमति मिलते ही पुलिस डुगडुगी पिटवाएगी। जबकि याची की ओर से कहा गया कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है। अदालत ने सुनवाई के बाद याचिका खारिज कर दी।

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