गालीगलौज और धमकी देने के तीन साल पुराने मामले में प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां को न्यायिक हिरासत में लेकर सुनवाई की जाएगी।
सीजेएम रवि कुमार गुप्ता ने आजम खान को बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये तलब किया है। कोर्ट सीतापुर जेल में बंद आरोपी आजम खान का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये न्यायिक अभिरक्षा वारंट बनाएगी।
गौरतलब है कि हजरतगंज थाने में 2019 में आजम खां के खिलाफ गाली गलौज और धमकी देने का मामला दर्ज है। मामले में विवेचक ने आरोपी आजम को बी वारंट के जरिये तलब करने के लिए अर्जी दी थी।
आरोपी के वकील ने भी कोर्ट में अर्जी देकर बताया था कि आजम खान को इस मामले में कोर्ट में तलब कर न्यायिक अभिरक्षा वारंट बनाया जाए।
न्यायिक हिरासत में लिए जाने का आदेश दिए जाने के लिए आरोपी की ओर से दायर अर्जी पर हजरतगंज थाने से आख्या तलब की।
जिस पर विवेचक द्वारा रिपोर्ट दी गई थी कि यदि आरोपी को तलब कर न्यायिक हिरासत में दिए जाने का आदेश पारित किया जाता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
अदालत ने पुलिस आख्या के आधार पर आरोपी आजम खां को बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तलब किया है।
शाइन सिटी के निदेशक की जमानत अर्जी खारिज
लोगों को शाइन सिटी प्रोजेक्ट में निवेश कराकर लाखो रुपये हड़पने के आरोपी शाइन सिटी इंफ्रा के निदेशक चमन लाल दिवाकर की ओर से अलग-अलग मामलों में दी गई दो जमानत अर्जियों को एडीजे अजय श्रीवास्तव ने खारिज कर दिया। कोर्ट में सरकारी वकील अमित अवस्थी ने तर्क दिया कि चमन लाल दिवाकर के खिलाफ पहली रिपोर्ट वादी धर्मेंद्र सक्सेना ने 10 मार्च 2021 को गोमती नगर में दर्ज कराकर बताया था कि उसने 6 नवंबर 2014 को शाइन सिटी में एक प्लॉट 4.84 लाख रुपये में खरीदा था, जिसका कब्जा तीन साल में मिलना था। न तो प्लॉट मिला और न ही पैसा। दूसरी रिपोर्ट वादी नित्यनानंद मौर्य ने गोमतीनगर में 12 नवंबर 2020 को दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया कि आरोपियों ने वादी से शाइन सिटी के प्रोजेक्ट में चार लाख रुपये निवेश कराया। वादा किया कि पहले वादी के चार लाख वापस मिलेंगे। बाद में लाभ के 4.54 लाख रुपये मिलेंगे। आरोप है कि वादी को न पैसा दिया गया और न ही रकम लौटाई गई।