लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने लंबी कवायद के बाद मेधावी छात्र परिषद (एसएमसी) का गठन किया है।
इसमें मनोविज्ञान विभाग के वीरेंद्र मौर्य अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी चुने गए हैं। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को छात्रों व विश्वविद्यालय के विकास के लिए 100 दिन का एजेंडा तैयार करने को कहा गया है।
कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने नवगठित मेधावी छात्र परिषद के पदाधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि मेधावी छात्र परिषद के सदस्य सरकार से प्रेरणा लेते हुए 100 दिन का एजेंडा तैयार करेंगे।
इसके केंद्र में छात्रों और विवि के समग्र विकास के लिए सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाएंगे।
कुलपति ने छात्रों को एलयू गॉट टैलेंट जैसी अवधारणा पर काम करने का सुझाव दिया। इस अवसर पर प्रो. राकेश चंद्रा, हैप्पी थिंकिंग लेबोरेटरी की निदेशिका प्रो. मधुरिमा प्रधान आदि शिक्षक उपस्थित थे।
बैठक में छात्रों को मेधावी छात्र परिषद में उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई।
ये हैं अन्य पदाधिकारी
उपाध्यक्ष प्रज्ञान जोशी कला संकाय व सौम्य चतुर्वेदी रसायन विज्ञान विभाग, महासचिव श्रुति बोस अंग्रेजी विभाग, संयुक्त सचिव नीति जोशी कला संकाय, शिविका गुप्ता राजनीति विज्ञान विभाग, कला संकाय प्रतिनिधि आभा ओझा हिंदी विभाग, साक्षी सिंह सामाजिक कार्य विभाग, शिक्षा प्रतिनिधि प्रतिष्ठा मेहरोत्रा शिक्षा संकाय, अनम ज़ेहरा शिक्षा संकाय, इंजीनियरिंग संकाय प्रतिनिधि सूरज राठौर, वाणिज्य प्रतिनिधि बलकरण शर्मा व स्तुति रॉय, प्रबंधन संकाय प्रतिनिधि प्रेरणा ढींगरा, विज्ञान प्रतिनिधि मिहिर कुमार, सांस्कृतिक प्रतिनिधि अंजलि सिंह, साहित्य प्रतिनिधि चंदन यादव अंग्रेजी विभाग, मीडिया प्रतिनिधि स्मृति स्नेहा अंग्रेजी विभाग, खेल प्रतिनिधि अलौकिक नंदन मिश्रा भूगोल विभाग शामिल हैं।
65 मेधावी छात्रों के बीच हुआ चयन
मेधावी छात्र परिषद के गठन के लिए छह सदस्यों की समिति गठित की गई थी। इसमें कला संकाय की डीन प्रो. प्रेम सुमन शर्मा, प्रो. राकेश द्विवेदी चीफ प्रॉक्टर, प्रो. राकेश चंद्रा डीन एकेडमिक्स, डॉ. मोहम्मद अनीस, नलिनी पर्सौद, छात्र प्रतिनिधि शामिल थे। डीएसडब्ल्यू प्रो. पूनम टंडन इसकी संयोजक थीं। समिति के सदस्यों ने विभिन्न विभागों के लगभग 65 मेधावी छात्रों की से संवाद के बाद उक्त का चयन किया।