फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानिए नगर निगम की फ्री पार्किंग में हो रहा है किस तरह का कारोबार

Wed, 22 Jul 2015 04:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
राजधानी के लोगों को पार्किंग की मुफ्त सुविधा के लिए नगर निगम की पहल नि:शुल्क पार्किंग खुद अतिक्रमण का शिकार हो गई है। पार्किंग के साथ ही इस पहल में खाली पड़ी सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा होने से बचाने की भी कोशिश थी।
विज्ञापन


अब इन नि:शुल्क पार्किंग में गाड़ियां खड़ी होने की जगह कंस्ट्रक्शन मैटेरियल, पान-मसाला की दुकान, जूस कॉर्नर चल रहे हैं।

नगर निगम का ‘नि:शुल्क पार्किंग’ के लिए हुए प्रयास में सबसे पहले चिड़ियाघर से लेकर सिकंदरबाग तक सड़क को चुना गया था। यह नगर निगम का पायलट प्रोजेक्ट था।

इस पहल से पूरे शहर में नगर निगम की खाली पड़ी जगहों को कब्जा होने से बचाने की कोशिश थी। करीब दो साल पहली इस पहल में इसके बाद यहां नगर आयुक्त के आदेश का बोर्ड भी लगा दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

हो रही है अवैध वसूली

मंगलवार को जब अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि पूरा प्रोजेक्ट अतिक्रमण का शिकार है। वन संरक्षक के आवास के आगे नो पार्किंग में कंस्ट्रक्शन मैटेरियरल पड़ा मिला। वहीं यूपीटेक क्रॉसिंग पर नि:शुल्क पार्किंग में पान-मसाला की मोबाइल वैन, जूस कॉर्नर चलते मिले।

यही हाल एनबीआरआई के सामने बनी पार्किंग का था। जहां पंक्चर जोड़ने की दुकान से लेकर स्ट्रीट फू ड स्टॉल कब्जा जमाए हैं। मेयर डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि हमारी कोशिश थी कि इस पहल को पूरे शहर में लागू किया जाए। इससे दोतरफा फायदा था।
 
समय के साथ ही यह योजना फेल हो गई। पहले प्रोजेक्ट के बाद इसे दूसरी जगह पर लागू ही नहीं किया जा सका। अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो एक अच्छी पहल अब अतिक्रमण का शिकार हो गई है। खाली जगहों का ‘नि:शुल्क पार्किंग’ के रूप में उपयोग किया जा सकता था।

‘नि:शुल्क पार्किंग’ एक तरफ अतिक्रमण का शिकार हो रही हैं। यहां अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। वहीं जहां अधिकारियों ने खुद पार्किंग के ठेके निगम की कमाई के नाम पर उठाए हैं। वहां गुंडई कर अवैध वसूली हो रही है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें