यदि कोई तीमारदार महिला रोग विभाग में आया है और उसे दूसरे विभाग में जाना है तो वह सीधे नहीं जाएगा। तीमारदार पर कंट्रोल रूम में आएगा और यहां से कोऑर्डिनेटर उसकी समस्या का समाधान कराने का प्रयास करेगा। बहुत जरूरी होगा तभी उसे दूसरे विभाग में भेजा जाएगा।
कोई मरीज सिटी स्कैन या अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा जाएगा तो वह पहले कंट्रोल रूम से बात करेगा। यदि सिटी स्कैन रूम में भीड़ कम होगी तब उसे भेजा जाएगा। इससे अस्पताल के अंदर संक्रमण बढ़ने का खतरा कम हो जाएगा।
बलरामपुर अस्पताल में सीटी स्कैन कराने आए हरदोई निवासी मरीज में संक्रमण मिलने से हड़कंप मच गया। कर्मियों ने बगैर कोरोना रिपोर्ट देख मरीज की जांच कर दी। अस्पताल निदेशक डॉ. राजीव लोचन ने बताया कि आमतौर पर बिना कोविड जांच के मरीज का सीटी स्कैन नहीं किया जाता है, लेकिन यह लापरवाही कैसे हुई इसका पता लगाया जाएगा।
फिलहाल मरीज के संपर्क में आए एक डॉक्टर और एक टेक्नीशियन को क्वारंटीन करते हुए जांच के निर्देश दिए गए हैं।