योगी ने कहा कि बीते ढाई साल में 80 हजार से अधिक युवाओं को प्रदेश पुलिस का हिस्सा बनाया गया है। साथ ही बड़े पैमाने पर पुलिसकर्मियों को पदोन्नतियां भी दी गई है। अच्छे काम के लिए पुलिसकर्मियों को सेवा मेडल भी दिए जा रहे हैं। सरकार के प्रयासों से यूपी पुलिस अब एक प्रभावी पुलिस बल बनने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहली बार पुलिस प्रशिक्षण के लिए 31 केंद्रों पर वर्चुअल क्लासरूम स्थापित किए गए।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न मौकों पर पुलिस द्वारा किए गए अच्छे कामों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि बेहतर पुलिसिंग से ही प्रयागराज कुंभ, 15वें प्रवासी भारतीय दिवस, लोकसभा के आम चुनाव, कांवड़ यात्रा सहित प्रदेश में विभिन्न पर्व, त्योहार और मेले भी सकुशल और शांतिपूर्वक संपन्न कराए गए।
अयोध्या मुद्दे पर फैसले के दौरान भी पुलिस ने अपनी भूमिका अच्छे से निभाई जिससे प्रदेश में शांति व्यवस्था बनी रही। इससे पहले मुख्यमंत्री ने पासिंग आउट परेड की सलामी ली। सभी पासिंग आउट महिला आरक्षियों को शपथ भी दिलवाई गई। मुख्यमंत्री द्वारा प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार भी वितरित किए गए।
डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि पुलिस बल को सक्षम बनाने के लिए नए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम विकसित किए गए हैं। उन्हें साइबर क्राइम, विधिक प्रशिक्षण, कंप्यूटर जैसे विषयों की जानकारी प्रशिक्षण के दौरान उपलब्ध कराई गई है।
ढाई साल में 80 हजार पुलिस कर्मियों की भर्ती की गई है। 46 हजार पुलिस कर्मियों को प्रोन्नति दी गई है। 61 हजार पुलिस कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है और 33 हजार को प्रोन्नति देने की तैयारी है।