हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि शादीशुदा व्यक्ति द्वारा धर्मपरिवर्तन कर दूसरी शादी करना अवैध है। ऐसे विवाह की कानून की नजर में कोई मान्यता नहीं है। पहली शादी से तलाक हुए बिना दूसरी शादी करना भी गैरकानूनी है। ऐसा विवाह शून्य और अवैध माना जाएगा।
कोर्ट ने जौनपुर की विवाहित महिला द्वारा दूसरे धर्म के पुरुष से विवाह करने के लिए धर्म परिवर्तन करने और फिर शादी कर लेने के मामले में कोई भी राहत देने से इंकार कर दिया है। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग भी खारिज कर दी है। जौनपुर की खुशबू बेगम उर्फ खुशबू तिवारी और उसके कथित पति अशरफ की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने यह आदेश दिया।