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KGMU में धर्मांतरण: डॉ. रमीज के मददगार रडार पर, डिप्टी सीएम बोले- सरकार गंभीरता से करेगी कार्रवाई

Fri, 16 Jan 2026 10:35 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

केजीएमयू में धर्मांतरण और यौन शोषण के प्रयास के मामले में जांच एजेंसी आरोपी के करीबियों की सूची तैयार कर रही है। वहीं, डिप्टी सीएम ने मामले में कड़ी कार्रवाई की करने की बात कही है। केजीएमयू प्रशासन ने उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी है।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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केजीएमयू की महिला रेजिडेंट से यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास के आरोपी डॉ. रमीज को शह देने वालों की तलाश भी तेज हो गई है। जांच एजेंसियां डॉ. रमीज के मददगार केजीएमयू के चिकित्सक और कर्मचारियों का पता लगा रही है। केजीएमयू में पैथालॉजी इंचार्ज डॉक्टर वाहिद अली को हटाने के बाद चर्चा का बाजार गर्म हो गया है।

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पुलिस सूत्रों का कहना है कि सीडीआर में आरोपी रमीज के कई लोगों से बातचीत के साक्ष्य मिले हैं। इनमें से अधिकतर केजीएमयू की फैकल्टी में शामिल हैं। पुलिस ने पैथालॉजी विभाग में कार्यरत लोगों के बयान दर्ज किए हैं। आरोपी और पीड़िता के संबंधों के बारे में पूछा गया है। अधिकतर ने इस मामले की जानकारी से इन्कार किया है। जांच एजेंसियों ने रमीज के खातों में रकम ट्रांसफर करने वालों का ब्योरा जुटाया है। रकम भेजने वालों से भी पूछताछ की तैयारी है।

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पुलिस यह पता करेगी कि रमीज के खाते में किस मकसद से रकम भेजी गई थी। खास बात यह है कि पीड़िता ने सबसे पहले केजीएमयू में जिन लोगों से शिकायत की थी, उनके बयान भी दर्ज होंगे। पैथालॉजी और सीसीयू विभाग के अफसरों ने शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं की, इस पर भी जवाब तलब किया जाएगा।

छांगुर कनेक्शन की जांच करेगी एसटीएफ
प्रकरण की विवेचना में एसटीएफ को सहयोग के लिए लगाया गया है। बताया जा रहा है कि एसटीएफ धर्मांतरण के आरोपी छांगुर से रमीज के कनेक्शन की छानबीन करेगी। यह पता लगाया जाएगा कि दोनों की मुलाकात कहां हुई थी। यही नहीं, आगरा में एमबीबीएस करने के दौरान रमीज किन लोगों के संपर्क में था, इसके रमीज और डॉ. परवेज के संबंधों के बारे में भी एसटीएफ पता लगाएगी। बारे में भी छानबीन की जा रही है। परवेज वर्ष 2012 में आगरा से एमडी कर रहा था।

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को प्रशासन ने प्रकरण की पूरी जानकारी दी

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में धर्मांतरण विवाद के बाद बृहस्पतिवार को पहली बार परिसर पहुंचे उप मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक को प्रशासन ने प्रकरण के बारे में पूरी जानकारी दी। डिप्टी सीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। डिप्टी सीएम ने कहा कि परिसर के डॉक्टर व अन्य स्टॉफ किसी तरह की हड़ताल न करें। मुख्यमंत्री की निगरानी में सभी मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

केजीएमयू के कलाम सेंटर में बृहस्पतिवार को आयोजित हरिओम सेवा केंद्र के वार्षिकोत्सव में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद को भी इसमें शामिल होना था, लेकिन उनकी जगह केजीएमयू के अन्य प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम खत्म होने के बाद प्रशासन ने उप मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे मामले की जानकारी दी। 

डॉ. वाहिद को हटाना कार्रवाई नहीं, रूटीन प्रक्रिया
केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि उप मुख्यमंत्री ने धर्मांतरण विवाद और उसके बाद हुई घटना के सभी पहलुओं के बारे में जानकारी ली। पैथोलॉजी के एचओडी डॉ. वाहिद अली को हटाए जाने के बारे में प्रो. केके ने बताया कि हमारे यहां पैथोलॉजी लैब इंचार्जों की रीशफलिंग होती रहती है और यह बदलाव रूटीन प्रक्रिया है। इसमें किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई है। धर्मांतरण विवाद पर डिप्टी सीएम ने भी आश्वासन दिया है कि सरकार गंभीरता से कार्रवाई करेगी।
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डॉ. रमीज पर धर्मांतरण के आरोप के बाद हुआ था विवाद

केजीएमयू के रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक पर एक महिला रेजिडेंट का यौन शोषण करने और धर्मांतरण के प्रयास का आरोप है। इस मामले की जांच एसटीएफ भी कर रही है। इस प्रकरण में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव और केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद के बीच विवाद भी हो चुका है। अपर्णा के समर्थकों पर कुलपति कार्यालय में तोड़फोड़ करने का भी आरोप है। केजीएमयू प्रशासन इस संबंध में पुलिस को लिखित तहरीर भी दी थी, लेकिन एफआईआर नहीं हुई। इसके विरोध में केजीएमयू के चिकित्सक व अन्य संगठनों ने हड़ताल की चेतावनी भी दी थी, जो बाद में स्थगित कर दी गई।
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