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ईरान में फंसे अवध के 500 लोग: न जा रहा फोन और न आ रहा मैसेज, बिगड़ते हालात के बीच परिजनों की बढ़ रहीं धड़कनें

Fri, 16 Jan 2026 10:26 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

ईरान में बदलते हालात की खबरों के बीच कई घरों में चिंता और बेचैनी का माहौल है। लोगों की जान अटकी हुई है। परिजन परेशान हैं और अपनों की सलामती के लिए दुआ मांग रहे हैं।
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अमीर अब्बास जैदी, नूरिया अंसारी और मोहम्मद शब्बीर। - फोटो : amar ujala
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केस 1: एंकर बेटे के लिए बढ़ी पिता की बेचैनी

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शहर के निवासी अमीर अब्बास जैदी के बेटे अलमदार अब्बास जैदी पिछले 10 वर्ष से ईरान में एक टीवी चैनल में एंकर के रूप में काम कर रहे हैं। अमीर अब्बास के मुताबिक, पांच दिन पहले वीडियो कॉल पर आखिरी बार बेटे से बात हुई थी। तब उसने हालात को लगभग सामान्य बताया था। वीडियो कॉल पर उसने खुले बाजार व चलते ट्रैफिक के दृश्य भी दिखाए थे।

- अलमदार ने ये भी बताया था कि कुछ स्थानों पर प्रदर्शन चल रहा है। उस दिन के बाद बेटे से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। अमीर अब्बास, उनके भाई शाहकार जैदी बेटे की सलामती की दुआ कर रहे हैं।
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केस 2: जियारत के लिए गईं खाला, संपर्क नहीं
शहर की नूरिया अंसारी बताती हैं कि उनके पति की बुआ ईरान में रहती हैं। पिछले ही महीने पति की खाला जियारत के लिए ईरान गई थीं। एक सप्ताह पहले उनसे बातचीत हुई थी। तब उन्होंने भी यही बताया था कि ईरान में हालात उतने भी खराब नहीं, जितनी सभी चिंता कर रहे हैं। उनका कहना था कि टीवी चैनलों में हालात को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया जा रहा है।

- इस बातचीत के बाद अब चार दिन से खाला से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा। परिवार में सब चिंता में हैं। सुबह-शाम कॉल की जा रही है, लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा।

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केस 3: बहन-बहनोई से नहीं हो पा रही बात
मोहम्मद शब्बीर के अनुसार उनकी बहन और बहनोई ईरान में रहते हैं। चार दिन पहले बातचीत हुई थी, तब उन्होंने कहा था कि हालात थोड़े खराब हैं, लेकिन घबराने की बात नहीं है। फिर सूचना मिली की ईरान में फोन व इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इसके बाद से बहन-बहनाई से एक बार भी
संपर्क नहीं हो पाया है।

- अब भारत सरकार की एडवाइजरी सुनकर दिल बैठा जा रहा है। हम सभी अपनों के सलामती की दुआ कर रहे हैं।

यह तो चंद उदाहरण हैं। ईरान में बिगड़ते हालात की खबरों के बीच शहर के कई घरों में चिंता और बेचैनी का माहौल है। नौकरी, पढ़ाई और जियारत के लिए गए लोगों से संपर्क टूटने के कारण परिवार अनहोनी की आशंका से घिरे हुए हैं। मोबाइल की हर घंटी पर उम्मीद बंधती है, लेकिन स्क्रीन की खामोशी डर को और गहरा कर रही है। मौलाना कमरुल हसन के अनुसार, शहर और आसपास के जिलों से हर साल बड़ी संख्या में लोग ईरान और इराक जियारत के लिए जाते हैं। कई परिवारों के बच्चे वहां पढ़ाई भी कर रहे हैं। अनुमान है कि अवध क्षेत्र के करीब 500 लोग इस समय वहां फंसे हो सकते हैं। मजलिसों में लगातार सभी की सलामती के लिए दुआ की जा रही है। सभी की निगाहें अब भारत सरकार के रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं। ईरान में हालात सामान्य होने की खबर ही फिलहाल शहर के इन परिवारों के लिए सबसे बड़ी राहत होगी। तब तक हर घर में इंतजार, बेचैनी और दुआ ही सहारा बनी हुई है।

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जियारत के जत्थे भी अटके

ईरान के हालात का असर जियारत (धार्मिक यात्राओं) पर भी पड़ा है। जीबी दूर एंड ट्रैवल्स के संचालक जफर असकरी ने बताया कि 19 जनवरी को 21 जायरीन का जत्था ईरान-इराक जियारत के लिए जाना था, लेकिन हालात ठीक न होने से ईरान का वीजा नहीं मिल पा रहा है। सभी जायरीन भुगतान कर चुके हैं और असमंजस में भी हैं।

मेहंदी टूर एंड ट्रैवल्स के मालिक अकील जाफर के मुताबिक, दो जत्थों में करीब 80 जायरीन की बुकिंग है, लेकिन मौजूदा हालात में यात्रा संभव हो पाएगी या नहीं, कहना काफी मुश्किल है।
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